ऐसा मन जाता है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं के लिए ज़्यादा फ़ैट और वज़न कम करना एक मुश्किल टास्क होता है। अब यह बात रिसर्च से यह साबित हुई है।
फ़िटनेस ट्रेनर्स और न्यूट्रिशनिस्ट्स के अनुसार, महिलाओं का वज़न आसानी से कम न होने के मुख्य कारणों में कम मसल्स, हार्मोनल बदलाव और शरीर में फ़ैट जमा होने के अलग-अलग तरीके शामिल हैं।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, महिलाओं की तुलना में पुरुष लगभग 16 फीसद ज़्यादा वज़न कम करते हैं, भले ही वे एक जैसी डाइट लें। इसके मुख्य कारण के हवाले से उनका वह नींम बिंदुओं की ओर ध्यान दिलाते हैं- कम मसल्स: महिलाओं में मसल्स कम होने की वजह से, शरीर आराम करते समय कम कैलोरी बर्न करता है। हार्मोन्स: एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन फ़ैट जमा होने पर असर डालते हैं, जबकि पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन मसल्स बनाने में मदद करता है। फ़ैट:महिलाओं में, फ़ैट आमतौर पर हिप्स, जांघों और पेट के निचले हिस्से में जमा होता है, जिसे कम होने में समय लगता है। हार्मोनल बदलाव: पीरियड्स, प्रेग्नेंसी और मेनोपॉज़ के दौरान भूख, थकान और शरीर में पानी जमा होने की समस्या बढ़ जाती है, जिससे लंबे समय तक वज़न बढ़ता है। स्ट्रेस: एक्सपर्ट्स का कहना है कि महिलाओं में लंबे समय तक स्ट्रेस में रहने से ज़्यादा खाने की इच्छा होती है, खासकर मीठा और कार्बोहाइड्रेट वाला खाना।
वज़न कम करने के लिए महिलाओं को क्या करना चाहिए?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, हर किसी को अपने हर खाने में सही मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और हेल्दी फैट शामिल करना चाहिए।
वेट लिफ्टिंग और रेजिस्टेंस एक्सरसाइज को रेगुलर आदत बनाएं।
प्रोटीन की उचित मात्रा मांसपेशियों को बनाए रखने और भूख कम करने में मदद करता है।
इसके साथ ही फिटनेस एक्सपर्ट्स और न्यूट्रिशनिस्ट्स अपने चिकित्सक से परामर्श लेने को सबसे पहला चरण बताते हैं। साथ ही एक्सपर्ट अच्छी और आरामदायक नींद लेने पर ज़ोर देते हैं।
जानकर इसके लिए महिलाओं को मेंटल स्ट्रेस कम करने पर काम करने के साथ वज़न घटाने के लिए इसको सुनियोजित ढंग से किये जाने की बात कहते हैं। उनका मानना है कि महिलाओं को इंप्रैक्टिकल और शॉर्ट-टर्म वेट लॉस प्लान के बजाय रियलिस्टिक और आसान गोल सेट करने चाहिए।