रोज़ाना की ज़िंदगी में शारीरिक गतिविधि बढ़ाने से सेहत को फ़ायदा पहुंचाया जासकता है। वैज्ञानिकों की एक हालिया स्टडी से पता चला है कि कुछ मिनट की बहुत ज़ोरदार एक्सरसाइज़, घंटों की हल्की एक्सरसाइज़ के मुकाबले शरीर को ज़्यादा स्वास्थ्य संबंधी फ़ायदे पहुँचाती है।
जर्नल सेल रिपोर्ट्स मेडिसिन में छपी इस स्टडी के मुताबिक, एक्सरसाइज़ साइकिल पर 30-30 सेकंड की तेज़ रफ़्तार वाली साइकिलिंग से खून में 714 हेल्थ से जुड़े प्रोटीन में पॉज़िटिव बदलाव देखे गए। इसकी तुलना में, नॉर्मल स्पीड से साइकिल चलाने पर सिर्फ़ 7 प्रोटीन पर असर पड़ा। तेज़ रफ़्तार साइकिलिंग की प्रेक्टिस के बीच में 4 मिनट का ब्रेक लिया गया था।
यह ज़ोरदार एक्सरसाइज़ ‘लैक-फे’ नाम के मॉलिक्यूल की मात्रा बढ़ाती है जो भूख को कंट्रोल करता है और फैट सेल्स में 1,600 से ज़्यादा जीन को एक्टिवेट करके फैट पिघलाने की क्षमता बढ़ाता है।
53,000 से ज़्यादा लोगों के डेटा के एनालिसिस में पाया गया कि इस एक्सरसाइज़ से एक्टिवेट हुए प्रोटीन दिल की बीमारी, टाइप 2 डायबिटीज़, मोटापे के कम जोखिम और उम्र बढ़ने के असर को धीमा करने से जुड़े हैं।
स्टडी के प्रमुख डॉक्टर पॉल कोहेन के अनुसार, यह बहुत दिलचस्प है कि कुछ मिनट की ज़ोरदार एक्सरसाइज़ से शरीर में बहुत बड़ा पॉज़िटिव रिस्पॉन्स होता है जो बिज़ी ज़िंदगी जीने वालों के लिए एकदम सही है और इसके लिए घंटों का समय भी नहीं चाहिए।
हालिया नई रिसर्च बताती है कि गतिविधि में थोड़ी सी बढ़ोतरी भी सेहत और लंबी उम्र पर असर डाल सकती है। हर दिन सिर्फ़ पाँच मिनट की मध्यम गतिविधि जैसे तेज़ी से चलना, साइकिल चलाना या सीढ़ियाँ चढ़ना आदि समय से पहले होने वाली हर दस मौतों में से लगभग एक को रोक सकती है, जिससे लाखों लोगों को लंबी ज़िंदगी जीने में मदद मिल सकती है।
रिपोर्ट यह भी कहती है कि इसका कटाई यह मतलब यह नहीं है कि सेहतमंद रहने के लिए सिर्फ़ पाँच मिनट का व्यायाम ही काफ़ी है। यह इस बात का संकेत है कि कुछ न करने की तुलना में, शारीरिक गतिविधि में यह छोटी सी बढ़ोतरी भी कुल मिलाकर सेहत में सुधार ला सकती है। जो लोग पहले से ही काफ़ी सक्रिय या फ़िट हैं, उन पर पाँच मिनट और व्यायाम करने का असर कम होगा।