इस दिनों सेहत को लेकर सोशल मीडिया के ज़रिए जो टर्म बड़ी तेज़ी से चलन में आया है, वह है एक ऐसा ख़ास डाइट प्लान जिसे वन मील ए डे (OMAD) कहा जाता है। अपने फायदे और नुकसान को लेकर खाने का यह पैटर्न काफ़ी लोकप्रिय बना हुआ है।

एक ओर यह दावा किया जा रहा है कि दुनिया भर में कई मशहूर हस्तियाँ और प्रभावशाली लोग वज़न कम करने के लिए इस डाइट को अपना रहे हैं, वहीँ लोगों के बीच आम सवाल ये हैं कि आख़िर ये डाइट क्या है, ये कैसे काम करती है और क्या यह नुकसानदेह भी हो सकती है? इस बारे में हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि इस आहार को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना अनिवार्य है।
वन मील ए डे क्या है
वन मील ए डे को 23:1 डाइट का नाम भी दिया गया है। यह एक ऐसी विधि है जिसमें व्यक्ति दिन भर में सिर्फ़ एक बार खाना खाता है और बाकी 23 घंटे उपवास रखता है, यानी भूखा रहता है, दिन भर की सारी कैलोरी इसी एक भोजन में मिल जाती है।
ये डाइट कैसे काम करती है?
आमतौर पर हमारा शरीर दिन भर भोजन से ऊर्जा प्राप्त करता है, लेकिन जब हम सिर्फ़ एक बार खाना खाते हैं, तो शरीर ऊर्जा के लिए जमा वसा का इस्तेमाल करने लगता है। लंबे समय तक उपवास करने से इंसुलिन का स्तर कम हो जाता है, जिससे शरीर को ईंधन के रूप में वसा का इस्तेमाल करना पड़ता है।
इसे किसे अपनाना चाहिए और किसे नहीं?
यह आहार बच्चों, किशोरों, गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं, मधुमेह या निम्न रक्त शर्करा के रोगियों, कमज़ोर लोगों और नियमित दवा लेने वालों के लिए उपयुक्त नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस आहार को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना अनिवार्य है।
लाभ
यह आहार योजना कुल कैलोरी कम करके वज़न कम करने, हृदय रोग, रक्त शर्करा और सूजन के जोखिम को कम करने और चयापचय में सुधार करने में भी आपकी मदद कर सकती है।
नुकसान
वन मील ए डे पैर्टन वाला आहार चिड़चिड़ापन, कमज़ोरी, सिरदर्द और नींद की समस्या पैदा कर सकता है। पोषक तत्वों की कमी का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि एक ही भोजन में सभी आवश्यक विटामिन और खनिज प्राप्त करना मुश्किल होता है। भूख के कारण लोग अक्सर ज़्यादा कैलोरी ले लेते हैं, जिससे वज़न फिर से बढ़ सकता है।
क्या खाएं और क्या नहीं?
हालांकि इस आहार पर कोई विशेष प्रतिबंध नहीं हैं, लेकिन विशेषज्ञ प्रोसेस्ड और फ़ास्ट फ़ूड से बचने की सलाह देते हैं। इसके बजाय, फल, सब्ज़ियाँ, अनाज, बीज और स्वास्थ्यवर्धक तेलों का सेवन करना बेहतर है। दिन भर पानी और कैलोरी-रहित पेय पदार्थ जैसे चाय, कॉफ़ी या हर्बल काढ़े पीने की भी अनुमति है।
खाने का सबसे अच्छा समय
विशेषज्ञ आमतौर पर शाम या रात में खाना बेहतर मानते हैं ताकि शरीर के प्राकृतिक पाचन तंत्र के साथ तालमेल बना रहे, हालाँकि, यह समय हर व्यक्ति की व्यस्त दिनचर्या और ऊर्जा की ज़रूरतों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
यह कितने समय तक सुरक्षित है?
हालाँकि यह आहार अस्थायी रूप से वज़न कम करने में मदद करता है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इसे लंबे समय तक अपनाना हानिकारक हो सकता है, क्योंकि इससे पोषक तत्वों की कमी, थकान और अन्य समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में ज़रूरी है कि इसपर अमल करने वाले अपने डॉक्टर से परामर्श के बाद ही इसे अपनाने का विचार करें।
