खजूर दिन में कभी भी खाए जा सकते हैं, लेकिन ये तब खास तौर पर फायदेमंद होते हैं जब आपको तुरंत एनर्जी चाहिए हो या डाइजेशन में मदद चाहिए हो। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि जब भी आप खजूर खाएँ, तो इनके साथ पानी या कोई और तरल पदार्थ लें ताकि फाइबर पाचन नली से आसानी से गुज़र सके।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि खजूर में मौजूद कार्ब्स, फाइबर और पोटैशियम की वजह से ये वर्कआउट से पहले या बाद में और खाने के बीच स्नैक के तौर पर बहुत अच्छे होते हैं। क्योंकि खजूर में नेचुरल शुगर ज़्यादा होती है, इसलिए इन्हें प्रोटीन के साथ खाने से ब्लड शुगर को ज़्यादा स्टेबल रखने में मदद मिल सकती है।
कार्बोहाइड्रेट और फाइबर से भरपूर खजूर नेचुरल एनर्जी और डाइजेशन में मदद देते हैं। हालांकि इन्हें खाने का कोई एक खास समय नहीं है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप सच में एनर्जी बढ़ाना और डाइजेशन में मदद चाहते हैं, तो दिन के कुछ खास समय पर इन्हें खाना फायदेमंद हो सकता है।
एनर्जी बढ़ाने के लिए खजूर कब खाएं
खजूर तुरंत एनर्जी पाने के लिए एक बढ़िया विकल्प हैं क्योंकि इनमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज़्यादा होती है (साइज और प्रकार के आधार पर प्रति खजूर लगभग 5-18 ग्राम), जिसमें से ज़्यादातर नेचुरल शुगर से आती है। शुगर, स्टार्च या फाइबर जैसे दूसरे कार्बोहाइड्रेट की तुलना में तेज़ी से टूटती है, जिससे शरीर को तुरंत फ्यूल मिलता है।
हेल्थ डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, आम तौर पर एनर्जी बढ़ाने के लिए, रजिस्टर्ड डायटीशियन और ‘द एवरीथिंग ईज़ी प्री-डायबिटीज कुकबुक’ की लेखिका लॉरेन हैरिस-पिंकस खाने के बीच खजूर खाने की सलाह देती हैं। उनका कहना है कि दोपहर में करीब 3 बजे इन्हें खाने से दोपहर की सुस्ती दूर करने में मदद मिल सकती है।
लेकिन अगर आप वर्कआउट के लिए एनर्जी पाने के लिए खजूर पर निर्भर हैं, तो आपको एक्सरसाइज शुरू करने से पहले इन्हें खाना चाहिए, ऐसा रजिस्टर्ड डायटीशियन स्टेसी वुडसन (MS, RD, LDN) का कहना है। ‘हेल्थ’ से बात करते हुए उन्होंने बताया, ‘खजूर प्री-वर्कआउट स्नैक के लिए एक स्मार्ट विकल्प हैं, दरअसल इनमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट काम करने वाली मसल्स को एनर्जी देते हैं, जबकि इनका पोटैशियम मसल्स के सही कामकाज में मदद करता है।’
स्पोर्ट्स डायटीशियन रॉक्साना एहसानी के अनुसार, वर्कआउट के बाद भी इन्हें खाना एक स्मार्ट विकल्प है। खजूर में मौजूद कार्बोहाइड्रेट, खासकर जब प्रोटीन के साथ लिए जाएं तो रिकवरी को बढ़ावा देने और मसल्स में ग्लाइकोजन की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि एक्सरसाइज के दौरान पसीने से शरीर में पोटैशियम की कमी हो जाती है, इसलिए खजूर इस कमी को पूरा करने में मदद कर सकते हैं।
डाइजेशन के फायदों के लिए खजूर कब खाएं
वुडसन ने कहा कि खजूर हेल्दी डाइजेशन में मदद करने का एक शानदार तरीका भी हैं। इनमें सूजन कम करने वाले कंपाउंड और अच्छी मात्रा में फाइबर होता है। सिर्फ़ तीन बिना गुठली वाली मेडजूल खजूर से 4.8 ग्राम फाइबर मिलता है और यह आपके रोज़ाना के लक्ष्य का लगभग 13-19% है।
फाइबर पेट साफ़ रखने में मदद करता है। साल 2025 की एक स्टडी में पाया गया कि खजूर में मौजूद फाइबर पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद कर सकता है, जो पाचन स्वास्थ्य के लिए एक ज़रूरी बात है।
रिसर्च में पाचन से जुड़े फ़ायदों के लिए खजूर खाने का कोई खास समय नहीं बताया गया है, लेकिन खाने के बीच में इन्हें स्नैक के तौर पर खाना एक अच्छा विकल्प है। वुडसन के अनुसार, ‘खजूर खाने के बीच में खाने के लिए एक बेहतरीन स्नैक है क्योंकि इनका फाइबर पूरे दिन पाचन की गति को सही बनाए रखने में मदद करता है। इस तरह के अंतराल से आपके पाचन तंत्र को बिना ज़्यादा दबाव डाले लगातार फाइबर का फ़ायदा मिलता रहता है।’
खजूर खाने के मामले में वुडसन की सलाह है, ‘खजूर ऐसे समय पर खाएँ जो आपकी जीवनशैली के हिसाब से सबसे अच्छा हो।’ हैरिस-पिंकस भी इससे सहमति जताते हैं। इन लोगों के अनुसार पाचन बेहतर करने के लिए खजूर दिन में कभी भी खाए जा सकते हैं।
चीनी के बारे में
हालाँकि खजूर आपको ऊर्जा दे सकते हैं और पाचन में मदद कर सकते हैं, लेकिन यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि इनमें चीनी की मात्रा काफ़ी ज़्यादा होती है। रिसर्च से पता चलता है कि फलों से मिलने वाली प्राकृतिक चीनी, बाहर से मिलाई गई चीनी की तुलना में ज़्यादा फ़ायदेमंद होती है क्योंकि इनमें फाइबर और दूसरे पोषक तत्व भी होते हैं।
हैरिस-पिंकस कहते हैं कि प्राकृतिक और बाहर से मिलाई गई चीनी का मेटाबॉलिज़्म एक ही तरह से होता है और ज़्यादा मात्रा में खाने पर ये वज़न बढ़ने या ब्लड शुगर बढ़ने का कारण बन सकती हैं।
ब्लड शुगर को संतुलित रखने के लिए, एक्सपर्ट खजूर को प्रोटीन के साथ खाने की सलाह देते हैं, क्योंकि प्रोटीन सिंपल शुगर के पाचन को धीमा करने में मदद करता है। उनके कुछ पसंदीदा स्नैक-फ्रेंडली तरीकों में ग्रीक योगर्ट या कॉटेज चीज़ में खजूर मिलाना या उनमें पीनट बटर या बादाम का बटर भरकर खाना शामिल है।