ईरान पर अमरीकी हमले के बाद से खाड़ी देशों सहित कई देशों में एविएशन सेक्टर प्रभावित हुआ है। हवाई यात्रियों को इस समय भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को लगातार तीसरे दिन दुबई, दोहा और आबू धाबी के हवाई मार्ग बंद रहे, जिससे हजारों यात्री फंसे हुए हैं। फंसे हुए यात्रियों की मदद के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एक ‘पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम’ सक्रिय किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, भारतीय एयरलाइंस द्वारा साझा की गई जानकारी से पता चला है कि आज यानी सोमवारको देश की कम से कम 300 उड़ानें प्रभावित होने की आशंका है। इस्नमेँ इंडिगो की दुबई और दोहा जाने वाली सबसे ज्यादा उड़ानें रद्द हुई हैं। एयर इंडिया ने भी यूएई, सऊदी अरब, इजरायल और कतर के लिए अपनी सभी उड़ानें 2 मार्च की रात तक के लिए स्थगित कर दी हैं।
भारत से गल्फ और यूरोप जाने वाले यात्रियों को इस समय भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जहा केवल आज के दिन भारतीय एयरलाइंस की कम से कम 300 उड़ानें प्रभावित होने की आशंका है, वहीँ दिल्ली एयरपोर्ट पर 28 फरवरी को 410 और पहली मार्च को 350 उड़ानें रद्द की गई थीं।
पश्चिम एशिया में ईरान के खिलाफ की जाने वाली अमरीकी-इजरायली सैन्य कार्रवाई ने वैश्विक हवाई यातायात को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुरक्षा जोखिमों और एयरस्पेस बंद होने के कारण एयरलाइंस को मजबूरन अपनी उड़ानें रद्द करनी पड़ रही हैं या उनके रूट बदलने पड़ रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 600 से अधिक उड़ानें रद्द की गई हैं। इसके अलावा दोहा, तेल अवीव और जेद्दा जैसे महत्वपूर्ण एयरपोर्ट्स पर भी संचालन ठप है।
वहीँ एयर फ्रांस, लुफ्थांसा, ब्रिटिश एयरवेज और सिंगापुर एयरलाइंस जैसी एयरलाइंस ने दुबई, रियाद और तेल अवीव के लिए अपनी सेवाएं फिलहाल निलंबित कर दी हैं।
इंडिगो की दुबई और दोहा जाने वाली सबसे ज्यादा उड़ानें रद्द हुई हैं। एयर इंडिया ने भी यूएई, सऊदी अरब, इजरायल और कतर के लिए अपनी सभी उड़ानें 2 मार्च की रात तक के लिए स्थगित कर दी हैं।
जानकारी में कहा गया है कि ईरान और इराक का हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण एयर इंडिया ने अपनी लंबी दूरी की उड़ानों के लिए नए रास्ते चुने हैं। अब न्यूयॉर्क और नेवार्क जाने वाली उड़ानें, इटली के रोम में स्टॉप लेकर जाएंगी। अब विमान ओमान, दक्षिणी सऊदी अरब और मिस्र के रास्ते यूरोप पहुंच रहे हैं। इससे उड़ान का समय 30 से 40 मिनट अधिक हो गया है। ऐसे में एयरलाइंस का परिचालन खर्च भी बढ़ा है।
हालत को देखते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने फंसे हुए यात्रियों की मदद के लिए एक ‘पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम’ सक्रिय किया है। साथ ही यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट निकलने से पहले अपनी एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप पर फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें।
