दुनियाभर में प्रत्येक वर्ष जून महीने की 7 तारीख को वर्ल्ड फ़ूड सेफ्टी डे मनाया जाता है। इसका मक़सद लोगों को दूषित खानपान और इससे होने वाली बीमारियों से बचने के साथ उनके उपायों के प्रति जागरूक करना है।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, हर साल लगभग 200 विभिन्न प्रकार की खाद्य जनित बीमारियों के परिणामस्वरूप 600 मिलियन लोग बीमार पड़ते हैं। ऐसी बीमारियों का बोझ सबसे ज़्यादा गरीबों और युवाओं पर पड़ता है। इसके अलावा, खाद्य जनित बीमारियाँ हर साल 420 000 रोके जा सकने वाली मौतों के लिए ज़िम्मेदार हैं।
प्रत्येक वर्ष यूएन फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन एक थीम निर्धारित करता है। इस थीम के आधार पर विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। वर्ल्ड फ़ूड सेफ्टी डे 2024 की थीम है, ‘सुरक्षित भोजन बेहतर स्वास्थ्य’।
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक़, खराब खाने के कारण एक दिन में तकरीबन 16 लाख लोग बीमार होते हैं जबकि रोजाना 5 साल से कम उम्र के लगभग 340 बच्चे खराब क्वालिटी के खाने के कारण मौत का शिकार हो जाते हैं। इस चिंताजनक विषय को देखते हुए वर्ल्ड फ़ूड सेफ्टी डे मनाने की आवश्यकता महसूस की गई थी।
यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली द्वारा 20 दिसंबर 2018 को फूड सेफ्टी डे मनाने का फैसला किया गया। इसके लिए 7 जून की तिथि निर्धारित की गई और वर्ष 2019 में पहली बार खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया गया।