वज़न पर काबू और चहलक़दमी से जुड़ी एक नई स्टडी से पता चला है कि वज़न कम होने के बाद उसे बनाए रखने के लिए दिन में 8,500 कदम चलना काफ़ी है। यह संख्या आम तौर पर बताए गए 10,000 कदमों से काफी कम है।
हर दिन 8,500 कदम का चलना, वज़न को दोबारा बढ़ने से रोकता है। साथ ही वज़न घटाने के दौरान कदमों की संख्या बढ़ाना और बनाए रखना भी ज़रूरी है।
यूरोपियन कांग्रेस ऑन ओबेसिटी में पेश की गई रिसर्च के अनुसार, जो लोग हफ़्ते में लगभग 59,500 कदम चलते थे, वे अपना घटा हुआ वज़न बनाए रखने में कामयाब रहे। इस बारे में एक्सपर्ट की राय पर नज़र डालें तो यूनिवर्सिटी ऑफ़ मोडेना एंड रेजियो एमिलिया के प्रोफ़ेसर मारवान अल-घोष का कहना है, ‘मोटापे के इलाज में सबसे बड़ी चुनौती वज़न को बढ़ने से रोकना है। लगभग 80 प्रतिशत लोगों का वज़न तीन से पाँच साल के अंदर फिर से बढ़ जाता है।’ उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई आसान तरीका लोगों को अपना वज़न बनाए रखने में मदद कर सकता है, तो यह बहुत मेडिकल वैल्यू वाला होगा।
यह स्टडी इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ एनवायर्नमेंटल रिसर्च एंड पब्लिक हेल्थ में पब्लिश हुई थी। साइंटिस्ट्स ने 18 ट्रायल्स का रिव्यू किया, जिसमें 1,987 मरीज़ों को लाइफस्टाइल प्रोग्राम में शामिल किया गया, जबकि 1,771 लोग सिर्फ़ डाइटिंग कर रहे थे या बिना इलाज के थे।
लाइफ़स्टाइल प्रोग्राम में खाने-पीने के निर्देश और रोज़ाना कदम गिनने की सलाह शामिल थी। नतीजों के मुताबिक, पार्टिसिपेंट्स ने रोज़ाना चलने वाले कदमों की संख्या 7,280 से बढ़ाकर 8,454 कर दी और एवरेज 4 किलोग्राम वज़न कम किया। लंबे समय में, उन्होंने अपना वज़न लगभग 3 किलोग्राम कम बनाए रखा।
इस स्टडी से जुड़े खास नतीजों पर नज़र डालें तो पाते हैं कि ज़्यादा कदम चलने से वज़न घटाने में कोई एक्स्ट्रा फ़ायदा नहीं हुआ, क्योंकि इस दौरान कैलोरी कम करना ज़्यादा असरदार था।
वहीँ प्रोफ़ेसर अल-घोष इस समस्या पर सलाह देते हुए कहते हैं, ‘लोगों को हर दिन लगभग 8,500 कदम चलने के लिए बढ़ावा देना चाहिए। यह एक आसान और सस्ता तरीका है जो वज़न को दोबारा बढ़ने से रोक सकता है।’