विटामिन शरीर में जिस तरह की महत्वपूर्ण ड्यूटी अंजाम देता है उसके आधार पर इसे एक मल्टीटास्कर कह सकते हैं। यह हड्डियों को मज़बूत रखने के साथ कैल्शियम को सोखने में मदद करना और इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाता है।
वसा में घुलने वाला यह विटामिन मस्तिष्क के सिग्नलिंग यानी संकेत देने में भी शामिल होता है। इस विटामिन को भोजन, सप्लीमेंट और सूरज की किरणों से प्राप्त कर सकते हैं।
विटामिन से भरपूर अलग-अलग तरह के खाद्य पदार्थ खाने से शरीर में इसकी मात्रा बढ़ सकती है, लेकिन कुछ लोगों को सप्लीमेंट की भी ज़रूरत पड़ सकती है।फैटी फिश (वसायुक्त मछलियाँ) विटामिन के सबसे अच्छे प्राकृतिक स्रोतों में से एक हैं।
ईटिंग वेल डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के अनुसार, 19 से 70 वर्ष की आयु के वयस्कों के लिए विटामिन की दैनिक अनुशंसित मात्रा 15 माइक्रोग्राम (या 600 इंटरनेशनल यूनिट्स) है। जबकि 71 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वयस्कों को रोज़ाना 20 माइक्रोग्राम (800 IU) की आवश्यकता होती है।
रिपोर्ट के अनुसार, सूरज की रोशनी से विटामिन बनता है, लेकिन भोजन और ज़रूरत पड़ने पर सप्लीमेंट के ज़रिए भी इसकी पर्याप्त मात्रा प्राप्त की जा सकती है। यहाँ विटामिन से भरपूर खाद्य पदार्थ को डाइट में शामिल करके इसकी कमी से बच जा सकता है।
मछली
पोषक तत्वों से भरपूर सार्डिन मछलियों में प्रोटीन, विटामिन B12, सेलेनियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। विटामिन की मात्रा के मामले में फैटी फिश इन खाद्य पदार्थों में पहले स्थान पर आती है। सैल्मन, ट्राउट, मैकेरल, हेरिंग और टूना जैसी मछलियों के वसायुक्त मांस में भरपूर मात्रा में विटामिन डी पाया जाता है। उदाहरण के लिए, 3 औंस रेनबो ट्राउट मछली में लगभग 16.2 mcg विटामिन डी होता है, जबकि इतनी ही मात्रा में सैल्मन मछली में लगभग 14.2 mcg विटामिन डी पाया जाता है। गैरोन बताती हैं।
इसका सेवन करते समय इस बात का ध्यान रखें कि एफए के दिशा-निर्देशों को ज़रूर देखें। वैसे तो हर के लिए अपने डाइट एक्सपर्ट से सलाह लेना ज़रूरी है मगर बच्चों और गर्भवती या स्तनपान करा रही महिलाओं के प्रति खास सचेत रहें। इसका कारण यह है कि अलग-अलग तरह की मछलियों में मरकरी की मात्रा बहुत अलग-अलग हो सकती है।
दूध
विटामिन डी के सेवन को बढ़ाने के लिए दूध पर फोकस करें। हालाँकि इसकी मात्रा अलग-अलग ब्रांड के हिसाब से कम-ज़्यादा हो सकती है। विटामिन डी से भरपूर गाय के दूध में आपको कैल्शियम और विटामिन डी दोनों मिलते हैं, जो हड्डियों की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हैं।
दूध को अपने पसंदीदा ओटमील, सीरियल या स्मूदी के साथ ले सकते हैं, या फिर खाने के साथ पी सकते हैं। गाय के दूध से प्रोटीन, कैल्शियम, पोटैशियम और विटामिन A भी मिलता है। अगर आप पौधों से बने (plant-baseडी) विकल्पों को चुनना पसंद करते हैं, तो ‘न्यूट्रिशन फैक्ट्स’ लेबल ज़रूर देखें। इससे आपको पता चल जाएगा कि उसमें विटामिन डी मिलाया गया है या नहीं, और कितनी मात्रा में है।
ब्रेकफास्ट सीरियल
ब्रेकफास्ट सीरियल खाने वाले भी इस कमी को पूरा कर सकते हैं। कई तरह के सीरियल में विटामिन डी मिलाया जाता है, जो आपके विटामिन डी के सेवन को बढ़ाने का एक और आसान तरीका है।
अंडे
अंडे विटामिन डी को अपने खाने में शामिल करने का एक बेहतरीन और सस्ता विकल्प हैं। अंडे नाश्ते का एक मुख्य हिस्सा हैं और एक बड़े अंडे में 1.1 mcg विटामिन डी होता है। अच्छी बात यह है कि अंडे बनाने की इतनी विधियां है कि इन्हें खाना कोई मुश्किल काम नहीं।