एक बदली ही लाइफस्टाइल वाले दौर में इंस्टेंट के नाम पर हम कई खतरनाक आदतों का शिकार हो चुके हैं। लोग हेल्दी चीजों के बजाए इंस्टेंट एनर्जी वाले उत्पाद पर निर्भर हो रहे हैं। ये हमें तुरंत एनर्जी तो देते हैं मगर इनके खतरों से या तो लोग अनजान होते हैं या जानने के बावजूद अनदेखा कर देते हैं।

तुरंत एनर्जी की मांग का नतीजा हैं मार्केट में मिलने वाले तरह तरह के एनर्जी ड्रिंक्स। इन्हें इंस्टेंट एनर्जी के नाम पर बेचा जाता है। जबकि रिसर्च बताती हैं कि एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन, शुगर और प्रिजर्वेटिव्स मिलकर किडनी में सूजन बढ़ाते हैं और रक्त से नुकसान पहुँचाने वाले तत्वों को छानने की उनकी क्षमता को नुकसान पहुंचाते हैं।
क्यूंकि इन ड्रिंक्स में आमतौर पर बहुत ज्यादा शुगर और कैफीन होता है, जिसकी वजह से पीते ही शरीर में फुर्ती महसूस होती है। लेकिन इन ड्रिंक्स से मिलने वाली यह फुर्ती असली एनर्जी नहीं, बल्कि शरीर पर पड़ने वाला एक तरह का दबाव होती है।
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि एनर्जी ड्रिंक्स पीने से महसूस होने वाली एनर्जी दरअसल दिमाग में थकान के सिग्नल को दबाने का नतीजा होती है। ऐसे में शरीर थका होने के बावजूद दिमाग़ उसे महसूस नहीं करता। इससे हार्मोनल असंतुलन, हाई बीपी और इम्युनिटी प्रभावित होती है।
साउथ डकोटा स्टेट यूनिवर्सिटी द्वारा साल 2008 से 2020 के बीच दुनिया भर में होने वाली स्टडीज से पता चलता है कि एनर्जी ड्रिंक्स किडनी पर अतिरिक्त बोझ डालते हैं और लंबे समय में किडनी, लिवर और दिल तीनों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यह नतीजे 15 से ज्यादा वैज्ञानिक रिसर्च के आधार पर सामने आये हैं। जानकारों का कहना है कि कई मामलों में ये ड्रिंक्स शराब और सोडा से भी ज्यादा खतरनाक साबित होते हैं।
एनर्जी ड्रिंक्स में पाए जाने वाले हाई-फ्रक्टोज कॉर्न सिरप, कैफीन, टॉरिन, आर्टिफिशियल स्वीटनर और सोडियम बेंजोएट जैसे केमिकल्स होते हैं। इन तत्व से किडनी सेल्स में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है। इन केमिकल्स को बार-बार फिल्टर करने से माइक्रो-इंजरी होती है, जो बाद में क्रॉनिक किडनी डिजीज में बदल सकती है।
कैफीन से ब्लड प्रेशर बढ़ता है, खून गाढ़ा होता है और लंबे समय में किडनी की फिल्टरिंग क्षमता घटा देता है। जहाँ सिंथेटिक शुगर मेटाबॉलिज़्म को प्रभावित करती है, वहीँ हाई-फ्रक्टोज शुगर शरीर में यूरिक एसिड बढ़ाती है, जो सीधे किडनी फिल्टर पर हमला करता है। इससे किडनी में सूजन, हाई ब्लड प्रेशर और स्टोन का खतरा बढ़ जाता है। समस्या की शुरुआत में लक्षण नजर नहीं आते, लेकिन अंदर किडनी डैमेज होती है।
एनर्जी ड्रिंक्स लेने वालों को इसे तुरंत बंद करने के साथ दिन में 2.5–3 लीटर पानी पीना चाहिए। नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करने के साथ ब्लड प्रेशर और किडनी की जाँच करानी चाहिए रोज़ाना हल्का करना और एनर्जी के प्राकृतिक स्रोतों को अपनाना चाहिए। इनमे नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ जैसे बेहतर विकल्प मुनासिब होते है।











