सीजफायर के लिए ईरान ने रखीं तीन शर्तें

28 फरवरी को अमरीका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया। इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई शहीद हुए और अब युद्ध चलते बारह दिन हो चुके हैं। ऐसे में पेजेश्कियान ने लड़ाई रोकने के लिए शर्त रखकर बता दिया है कि ईरान युद्ध रोकने को तैयार है लेकिन अमरीका और इजरायल के सामने झुकने को तैयार नहीं है।

सीजफायर के लिए ईरान ने रखीं तीन शर्तें

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमरीका और इजराइल के साथ चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए तीन मुख्य शर्तें रखी हैं-
(1) ईरान के कानूनी अधिकारों को मान्यता देना,
(2) युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा (हर्जाना) देना,
(3) भविष्य में हमलों के खिलाफ पुख्ता अंतरराष्ट्रीय गारंटी प्रदान करना।

ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेशकेशियन का कहना है कि रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बात करते हुए, मैंने इस इलाके में शांति के लिए ईरान का कमिटमेंट दोहराया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि यूएस और इज़रायल द्वारा शुरू किए गए इस युद्ध को खत्म करने का एकमात्र तरीका ईरान के कानूनी अधिकारों को मान्यता देना, मुआवज़ा देना और भविष्य में हमले के खिलाफ मज़बूत इंटरनेशनल गारंटी देना है।

ईरानी राष्ट्रपति का बयान ऐसे समय में आया है जब युद्ध रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं। रूस ईरानी नेतृत्व के साथ करीबी संपर्क बनाए हुए है और दुश्मनी खत्म करने की अपील कर रहा है।

9 मार्च को ईरान की ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ने 56 वर्षीय मुज्तबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना है। कट्टरपंथी मुज्तबा लंबे समय से रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के साथ मिलकर काम कर रहे थे। वहीँ उनके चुनाव के बाद यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह चयन उन्हें मंजूर नहीं है और दावा किया कि नया नेता शांति से नहीं रह पाएगा।

बताते चलें कि मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अब तक 1700 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। अकेले ईरान में मरने वालों का आंकड़ा 1,200 के पार पहुंच गया है। इस लड़ाई में लोग हजारों घायल हुए हैं।

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