भारत ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में इंग्लैंड को सौ रन से शिकस्त देकर यह खिताब छठी बार अपने नाम कर लिया है। इस मैच की जान बनी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की यादगार पारी जो भारत की जीत की बुनियाद साबित हुई।

बीते दिन खेले गए इस ऐतिहासिक मुकाबले में भारत के सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने 30 चौकों और छक्कों की मदद से 175 रन की यादगार पारी खेली। भारतीय टीम ने हरारे स्पोर्ट्स क्लब में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की। टीम 9 विकेट खोकर 411 रन बनाने में कामयाब हुई।
भारत को पहला झटका 20 के स्कोर पर लगा जब आरोन जॉर्ज 9 रन पर अपना विकेट गावं बैठे। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने कप्तान आयुष म्हात्रे के साथ दूसरे विकेट के लिए 142 रन की साझेदारी कर पारी को संभाला।
आयुष म्हात्रे भी 51 गेंदों में 53 रन बनाकर आउट हुए मगर सूर्यवंशी डटे रहे और उन्होंने वेदांत त्रिवेदी के साथ तीसरे विकेट के लिए 39 गेंदों में 89 रन जोड़ते हुए स्कोर को 251 पहुंचाया। वैभव सूर्यवंशी 80 गेंदों में 15 चौकों और इतने ही छक्कों की मदद से 175 रन बनाकर आउट हुए।
सूर्यवंशी का विकेट गिरने के बाद विहान मल्होत्रा और वेदांत त्रिवेदी ने 51 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 300 के पार पहुंचाया। विहान मल्होत्रा 30 रन बनाकर आउट हुए। अभिज्ञान कुंडु ने 31 गेंदों में 40 रन बनाए। अंतिम ओवरों में कनिष्क चौहान ने 20 गेंदों में नाबाद 37 रन बनाकर भारत का स्कोर 9 विकेट पर 411 पहुंचा दिया।
इंग्लैंड की टीम 412 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए 40.2 ओवरों में 311 रन पर सिमट गई। इंग्लिश टीम ने 19 के स्कोर पर जोसेफ मूर्स (17) का विकेट गंवा दिया था। इसके बाद बेन डॉकिन्स और बेन मेयस ने दूसरे विकेट के लिए 74 रन जोड़कर टीम को संभालने की कोशिश की।
बेन मेयस 45 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद बेन डॉकिन्स ने थॉमस रेव के साथ 49 रन और कैलेब फाल्कनर के साथ 32 रन की साझेदारी की। इंग्लैंड ने 20.4 ओवरों में 174 के स्कोर पर चौथा विकेट गंवाया और 21.6 ओवरों तक टीम का स्कोर 177 रन पर 7 विकेट हो गया। फिर कैलेब फाल्कनर ने मोर्चा संभाला और 67 गेंदों में 7 छक्कों व 9 चौकों की मदद से 115 रन बनाए, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके।
बॉलिंग की बात करें तो जेम्स मिंटो ने इंग्लैंड की ओर से सर्वाधिक 3 विकेट लिये। सेबेस्टियन मॉर्गन और एलेक्स ग्रीन ने 2-2 विकेट लिए, जबकि मैनी लम्सडेन को एक विकेट मिला। जबकि भारत की ओर से आरएस अंबरीश ने सर्वाधिक 3 विकेट लिये। दीपेश देवेंद्रन और कनिष्क चौहान को 2-2 सफलता मिली, जबकि एक विकेट आयुष म्हात्रे ने हासिल किया।
