उत्तर प्रदेश की इटावा सीट पर क्यों दिलचस्प हुआ मुकाबला

लोकसभा चुनाव 2024 में उत्तर प्रदेश की इटावा सीट के चुनाव ने दिलचस्प मोड़ ले लिया है। यहाँ एक ही परिवार से दो प्रत्याशी एक सीट के लिए मुक़ाबले पर आ गए हैं। 

उत्तर प्रदेश की इटावा सीट पर क्यों दिलचस्प हुआ मुकाबला

इटावा लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार और मौजूदा सांसद राम शंकर कठेरिया ने बुधवार को अपना नामांकन दाखिल किया। इसी सीट से राम शंकर कठेरिया की पत्नी ने उनके खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है।

मृदुला कठेरिया ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद कहा कि देश में लोकतंत्र है। यहां हर कोई स्वतंत्र है और चुनाव लड़ सकता है। हर एक को चुनाव लड़ने का अधिकार के दावे के साथ मृदुला कठेरिया ने स्पष्ट किया कि मैं अपने पति के खिलाफ खड़ी हूं और वह मेरे खिलाफ खड़े हैं। उन्होंने इसे संवैधानिक स्वतंत्रता बताया

निर्दलीय उम्मीदवार मृदुला कठेरिया द्वारा नामांकन भरे जाने से जहाँ एक तरफ मौजूदा सांसद राम शंकर कठेरिया असहज स्थिति में आ गए हैं वहीँ इन हालात ने यहां के चुनाव को बेहद दिलचस्प बना दिया है।

बताते चलें कि इससे पहले भी 2019 के लोकसभा चुनाव में मृदुला कठेरिया ने अपने पति के खिलाफ नामांकन दाखिल किया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया था।

इस बार नामांकन वापस लिए जाने के सवाल पर मृदुला कठेरिया ने पत्रकारों को जवाब दिया कि उन्होंने मैदान से हटने के लिए अपना पर्चा दाखिल नहीं किया है।

गौरतलब है कि इटावा में सोमवार 13 मई 2024 को मतदान होना है और राम शंकर कठेरिया तीसरी बार भाजपा उम्मीदवार के तौर पर इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। कठेरिया मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं।

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