सप्ताह की समाप्ति पर जारी किए गए नतीजे बताते हैं कि टाइटन की कंसोलिडेटेड कुल आय करीब 20,300 करोड़ रुपए रही। वार्षिक आधार पर यह 46 प्रतिशत अधिक है। कंपनी की ओर से मार्च तिमाही में भी इनका प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा। इसे कंपनी के इतिहास की सबसे मजबूत तिमाही प्रदर्शन में से एक माना जा रहा है।
वित्त वर्ष 2026 में टाइटन का नेट मुनाफा करीब 1179 करोड़ रुपए रहा। यह पिछले वर्ष के मुकाबले 35 प्रतिशत अधिक है। मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि बढ़ती बिक्री में ऊंची ज्वेलरी डिमांड और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मांग ने कंपनी की कमाई को नई ऊंचाई तक पहुंचा दिया है।
वित्त वर्ष 2025-26 करें तो टाइटन कम्पनी लिमिटेड ने कारोबार का नया इतिहास रच दिया है। टाइटन को सबसे बड़ा सहयोग ज्वेलरी बिजनेस से मिला है। कंपनी का ज्वेलरी पोर्टफोलियो (Jewellery Portfolio) करीब 50 प्रतिशत बढ़कर 18,195 करोड़ रुपए पहुंच गया। गौरतलब है कि इसमें Bullion और Digi-gold की बिक्री को शामिल नहीं किया गया है।
बताते चलें कि सोने की ऊंची कीमतों के बावजूद ग्राहकों का भरोसा बरक़रार रहा और तनिष्क ब्रांड की मांग मजबूत बनी रही। यह मांग बताती है कि प्रीमियम ज्वेलरी सेगमेंट में टाइटन की पकड़ लगातार मजबूत नज़र आ रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि टाइटन शेयर प्राइस में नतीजों के बाद जबरदस्त तेजी दर्ज हो रही थी। इसका स्टॉक करीब 8 प्रतिशत चढ़कर 4,601 रुपये के नए 52-वीक हाई पर आ गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पहली बार ऐसा हुआ है कि टाटा ग्रुप की लाइफस्टाइल कंपनी का कारोबार 75,000 करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है। कारोबारी नज़रिये से महत्वपूर्ण बात यह रही कि टाइटन ने वित्त वर्ष 2025 में 50,000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार करने के बाद सिर्फ एक साल में ही अगले 25,000 करोड़ रुपए जोड़ दिए।