अमरीकी ‘रक्षा विभाग’ का नाम बदलकर ‘युद्ध विभाग’ कर दिया गया है

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी रक्षा विभाग का नाम बदलकर युद्ध विभाग कर दिया है। इस बदलाव पर उनका कहना है कि यह नाम दुनिया को अमरीका ताकत का संदेश देगा।

अमरीकी 'रक्षा विभाग' का नाम बदलकर 'युद्ध विभाग' कर दिया गया है

युद्ध विभाग का नाम बदले जाने के समारोह में अपनी रखते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वर्तमान वैश्विक स्थिति को देखते हुए नया नाम ज़्यादा उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि हमने व्यापार और शक्ति के बल पर दुनिया में 7 युद्ध रोके हैं, यूक्रेन के संबंध में एक सुरक्षा समझौते पर विचार किया जा रहा है और हम यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी प्रदान करने पर काम कर रहे हैं।

अमरीका के डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस के हेडक्वाटर को पेंटागन के नाम से जाना जाता है। व्हाइट हाउस में जब ट्रंप ने इस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर ऑर्डर पर दस्तखत किए तब उनके साथ पेंटागन प्रमुख पीट हेगसेथ भी मौजूद थे। इस पर रिपब्लिकन राष्ट्रपति का कहना था कि 70 साल से अधिक समय से चला आ रहा मौजूदा नाम बहुत ‘अस्पष्ट’ था।

क्यूंकि राष्ट्रपति ट्रंप औपचारिक रूप से कांग्रेस की मंजूरी के बिना पेंटागन का नाम नहीं बदल सकते हैं। ऐसे में ट्रंप ने इसका भी तोड़ निकाल लिया है। उन्होंने जो नया आदेश पारित किया है, उसके अनुसार नए लेबल- डिपार्टमेंट ऑफ वॉर का उपयोग “सेकेंडरी टाइटल” के रूप में किया जाएगा।

राष्ट्रपति ने जो नया आदेश पारित किया है, उसके अनुसार नए लेबल- डिपार्टमेंट ऑफ वॉर का उपयोग “सेकेंडरी टाइटल” के रूप में किया जाएगा। वॉर डिपार्टमेंट का नाम 1789 से 1947 तक आधिकारिक तौर पर इस्तेमाल होता रहा है, जो पुनः लागू किया जाएगा।

राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि हमास के साथ गंभीर बातचीत चल रही है और अगर इज़राइली बंधकों को रिहा नहीं किया गया तो कड़े कदम उठाए जाएँगे। आगे उन्होंने कहा कि बंधकों को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों ने इज़राइल को मुश्किल स्थिति में डाल दिया है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अगर वेनेज़ुएला के विमान अमरीकी जहाजों के पास से गुज़रेंगे, तो उन्हें मार गिराया जाएगा। ट्रंप ने भारत द्वारा रूसी तेल की ख़रीद को निराशाजनक बताया और इस अवसर पर उन्होंने भारत पर 50% का भारी टैरिफ़ लगाने की बात भी दोहराई।

‘वॉर डिपार्टमेंट’ की याद दिलाने वाले टाइटल का इस्तेमाल 1789 में तब किया गया था जब ब्रिटेन से आजादी के ठीक बाद से लेकर 1947 तक, द्वितीय विश्व युद्ध के तुरंत बाद तक इस्तेमाल किया गया था। यानी 150 से अधिक वर्षों तक वॉर डिपार्टमेंट नाम का ही इस्तेमाल हुआ।

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