उत्तर प्रदेश की ग्रामीण रोडवेज बसों में 20 फीसदी किराया घटाया गया

सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश से अब बसों में सामान्य से बीस फीसदी कम किराया लिया जाएगा। मुख्यमंत्री आज इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में यह सौग़ात देंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री आरटीओ कार्यालय से जुड़े 48 कामों के आवेदन के लिए डेढ़ लाख जन सुविधा केंद्रों सहित कई श्रेणियों में बसों की भी सौगात देंगे।

उत्तर प्रदेश की ग्रामीण रोडवेज बसों में 20 फीसदी किराया घटाया गया

लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में 250 बसें संचालित की जाएंगी। इनमे प्रत्येक डिपो की 10 फीसद फ्लीट जनता सेवा की होगी। इस बसों से 75-80 किमी दूरी के दायरे में वाले गांवों का किराया 20 प्रतिशत तक कम होगा।

मुख्यमंत्री आरटीओ कार्यालय से जुड़े 48 कामों के आवेदन हेतु 1.50 लाख जन सुविधा केंद्रों का उद्घाटन भी करेंगे। साथ ही आठ इलेक्ट्रिक एसी डबल डेकर बसों, 16 इलेक्ट्रिक बसों, एक रिट्रोफिट इलेक्ट्रिक, 10 सीएनजी बसों, दो अन्य श्रेणी की एसी बसों, टाटा कंपनी की 20 साधारण बसों, आयशर कंपनी की 43 बसों का उद्घाटन करेंगे।

परिवहन विभाग की 11 इंटरसेप्टरों को भी हरी झंडी दिखाए जाने के साथ 400 बीएस-सिक्स बसों का भी शुभारंभ होगा। इसके अलावा जो बसें 8 से 10 साल की आयु पूरी कर चुकी होंगी, उन्हीं बसों को ग्रामीण जनता सेवा में चलाया जाएगा। इन बसों के लिए अलग से रूट बनाए जाएंगे। रूट के चालक-परिचालकों को 80% लोड फैक्टर लाना होगा। इससे अधिक कमाई होने पर चालक-परिचालक में कमीशन 50-50 फीसदी वितरित किया जाएगा।

रोडवेज बसों का किराया 1.30 रुपये प्रति किमी की दर से यात्रियों से लिया जाता है वहीँ जनता सेवा में 1.04 रुपये प्रति किमी की दर से लिया जाएगा। सौ रुपये किराया होने पर यात्रियों को 80 रुपये ही देने होंगे। ड्राइवर व कंडक्टर को 2.6 पैसे प्रति किमी की दर से भुगतान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ग्रामीण जनता सेवा के चालक-परिचालकों को 2.18 रुपये प्रति किमी दर से भुगतान किया जाएगा। लगातार 26 दिनों तक बस संचालन पर इंसेंटिव मिलेगा। पांच हजार रुपये का प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही 80 प्रतिशत से अधिक लोड फैक्टर होने पर उन्हें कमीशन भी दिया जाएगा।

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