‘मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट’ के तहत सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की अपने सैन्य सहयोग को मजबूती देते हुए आगे बढ़ रहे हैं। इसके लिए तीनों देशों के मध्य 7 अगस्त को हुआ यह समझौता हुआ। खबर है कि आने वाले समय में यह सहयोग रक्षा उपकरण बनाने और सैन्य तकनीक साझा करने के क्षेत्र में भी आगे बढ़ेंगे।
अलजज़ीरा की एक रिपोर्ट बताती है कि अब यह एक राजनीतिक घोषणा से कहीं आगे बढ़ चुका है। तीनों देश एक ऐसी संयुक्त व्यवस्था बनाने की योजना बना रहे हैं जिसमें उनके रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और सैन्य प्रमुख शामिल होंगे। रिपोर्ट के मुताबिक़, तीनों देशों के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास भी किए जाएंगे।
दुनियाभर के देश इन तीनों देशों के बीच होने वाले ‘मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट’ को उभरते हुए “इस्लामिक NATO” के रूप में देख रहे हैं। इसमें सामूहिक सुरक्षा का प्रावधान है, जिसके तहत किसी एक सदस्य पर सशस्त्र हमले को सभी पर हमला माना जाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट’ के तहत सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की अपने सैन्य सहयोग को और मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। तीनों देश इस समझौते के तहत एकजुट होकर लगभग 14 लाख सक्रिय सैन्य कर्मियों सहित 3,400 से ज्यादा विमानों को एक साथ लेन का प्रयास कर रहे हैं। रिपोर्ट के विश्लेषण की मानें तो इसके लिए 6,000 से अधिक टैंकों को एक साथ लाने का भी इरादा है।
अल जजीरा की ओर से 2026 ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स के हवाले से बताए गए आंकड़े के अनुसार, एक्टिव मिलिट्री मैनपावर में पाकिस्तान का हिस्सा सबसे ज्यादा है। इसके लिए रक्षा बजट की बात करें तो सऊदी अरब इन तीनों देशों में सबसे मज़बूत है। वहीँ मिस्र की मजबूत सैन्य ताकत के साथ उसकी रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और विशेष रूप से स्वेज नहर पर उसके नियंत्रण को इस गठबंधन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रिपोर्ट में किये गए विश्लेषण के अनुसार, किसी भी सदस्य देश पर हमला होने की दशा में अन्य देश किस तरह सैन्य मदद करेंगे, इस संबंध में अभी कोई निश्चित नियम तय नहीं किया गया है।
समझौते के अनुसार, यदि किसी एक सदस्य पर हमला होता है तो उसे तीनों पर हमला माना जाएगा। लेकिन इसमें नाटो के आर्टिकल 5 की तरह तुरंत सैन्य कार्रवाई करने की कोई बात नहीं कही गई है।
फिलहाल ऐसे में तीन प्रमुख अमरीकी साझेदारों के सहयोग से बनी एक अलग सुरक्षा व्यवस्था का उभरना, क्षेत्र में तेजी से बदलते रणनीतिक समीकरणों में एक अध्याय जोड़ता है।