जो लोग ख़ुद आतंकवादी हैं, वही हमें आतंकवादी बता रहे हैं- राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने यूएन महासभा में अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप के आरोपों को ख़ारिज कर दिया। अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने पलटवार करते हुए कहा, ‘जो लोग ख़ुद आतंकवादी हैं, वही हमें आतंकवादी बता रहे हैं।’

गौरतलब है कि अमरीकी राष्ट्रपति ने एक दिन पहले ईरान को ‘आतंकवाद का सबसे बड़ा प्रायोजक’ क़रार दिया था। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियाँ ने यूएन महासभा के मंच से ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली ख़मेनेई की तस्वीर दिखाते हुए कहा कि उन्हें पिछले फ़रवरी में अमरीका और इसराइल के संयुक्त हमले में बिना किसी क़ानूनी आधार या कारण के मार दिया गया।

इसके बाद बच्चों और उनकी क़ब्रों की तस्वीरें दिखते हुए उनका कहना था कि वे एक स्कूल और खेल परिसर पर हुए अमरीकी-इसराइली हमलों में मारे गए। आगे उन्होंने कहा, ‘वे निर्दोष थे। उन्होंने कोई अपराध नहीं किया था।’

ईरानी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा, ‘असल में आतंकवाद के शिकार हम हैं।’ उन्होंने ईरान पर क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने के आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा कि पिछले दो सौ वर्षों में उनके देश ने किसी अन्य देश या क्षेत्र पर हमला नहीं किया है।’

उन्होंने यह बात भी सामने रखी, ‘हमने न घुटने टेके, न सिर झुकाया। हमने केवल जवाबी कार्रवाई की लेकिन आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाया। ‘परमाणु मुद्दे के दोहरे मापदंड पर अपना मत रखते हुए राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियाँ ने दोहराया कि ईरान परमाणु तकनीक का इस्तेमाल शान्तिपूर्ण उद्देश्यों के लिए कर रहा है, हथियार बनाने के लिए नहीं। आगे उन्होंने इसे मरीज़ों के लिए उपचार, कृषि के लिए खाद्य सुरक्षा और उद्योगों के लिए प्रगति का ज़रिया बताया।

दोहरे मापदंड
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, ‘परमाणु हथियार इसराइल के पास हैं, लेकिन निरीक्षक ईरान में हैं। इसराइल मारता है, मगर प्रतिबन्ध ईरान पर लगाए जाते हैं।’ परमाणु मुद्दे पर ‘दोहरे मापदंडों’ की आलोचना करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि इसराइल परमाणु अप्रसार सन्धि (NPT) का सदस्य नहीं है और उसके पास व्यापक विनाश के हथियार हैं, फिर भी वहाँ कभी निरीक्षण नहीं हुआ।

फ़लस्तीन के लिए अटूट समर्थन
ईरानी राष्ट्रपति ने इसराइल की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा,’जनसंहार वे कर रहे हैं और फिर दूसरों को आतंकवादी क़रार दे रहे हैं।’ फ़लस्तीनी जनता के प्रति समर्थन दोहराते हुए उन्होंने कहा कि ग़ाज़ा में 80 हज़ार निर्दोष नागरिकों की ‘बेरहमी से हत्या’ की गई है और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं।

ईरान की स्थिति
राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने कहा, ‘पिछले सात महीनों से ईरान के लोग हर रात सड़कों पर उतरकर अपनी मातृभूमि के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं, ताकि इसराइल और अमरीका द्वारा प्रशिक्षित व हथियारबन्द लोगों को देश की सुरक्षा भंग करने से रोका जा सके।’

संबोधन समाप्ति पर राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने एक बार फिर अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘प्रतिबन्धों, दबाव और धौंस के सामने ईरानी जनता का प्रतिरोध और मज़बूत होगा।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *