थर्मल कुकिंग बैग जो अधपके खाने को बिना गैस और बिजली के पकाएगा

अफ्रीकी देश कैमरून के एक छात्र ने एक अनोखा बैग तैयार किया है। बैग की खूबी यह है कि यह खाना तो पकाएगा मगर बिना गैस और बिजली के। इसमें अधपका खाना बिना ज़्यादा फ्यूल इस्तेमाल किए धीरे-धीरे पकता रहता है।

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैमरून के एक फिजिक्स स्टूडेंट ने एक थर्मल कुकिंग बैग बनाया है जिसमें खाना पकाने के लिए लगातार गैस, लकड़ी या बिजली की ज़रूरत नहीं होती है। इसे दक्षिण अफ्रीका की सारा कोलिन्स नाम की एक महिला ने डिजाइन किया था। इसका उद्देश्य ईंधन की बचत करना और पर्यावरण को बचाना है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह खास बैग मोटे इंसुलेशन मटीरियल से बना है जो ‘स्लो कुकर’ की तरह काम करता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैग में खाना पकाने के लिए, बर्तन को शुरू में गैस या लकड़ी के चूल्हे पर लगभग 5 से 10 मिनट तक गर्म किया जाता है। जब खाना उबलने लगता है, तो ढक्कन समेत बर्तन को चूल्हे से हटाकर एक इंसुलेटेड बैग में रख दिया जाता है।

इसे वंडरबैग भी कहा जा रहा है जो बिना किसी गैस, बिजली या ईंधन के अधपके (आधे पके) खाने को पूरी तरह से पका देता है। यह मूल रूप से ‘हीट रिटेंशन’ (Heat Retention यानि गर्मी को रोककर रखने वाली तकनीक पर काम करने वाला एक नॉन-इलेक्ट्रिक स्लो कुकर है। हालाँकि इसमें खाना पकाने में लगने वाला समय अन्य साधनों की तुलना में अधिक होता है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि बैग बर्तन के अंदर गर्मी बनाए रखता है, जिससे खाना बिना ज़्यादा फ्यूल इस्तेमाल किए धीरे-धीरे पकता रहता है। चावल, दालें और मीट जैसे ज़्यादा समय तक पकने वाले खाने इस तरह से बनाए जा सकते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैग में 20 मिनट में सूप भी तैयार किया जा सकता है। सूप को करीब 10 मिनट तक उबालने के बाद, अगर बर्तन को बैग में रखा जाए, तो बची हुई गर्मी इसे और पकाती रहती है और सूप करीब 20 मिनट में तैयार हो सकता है।

इस हाथ से बने कुकिंग बैग के इस्तेमाल से फ्यूल की खपत 70 प्रतिशत तक कम होने का दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह बैग लकड़ी का इस्तेमाल कम करने और लोगों को पारंपरिक चूल्हों से निकलने वाले धुएं के संपर्क में आने से बचाने में भी मदद कर सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कैमरून के अलग-अलग बाज़ारों में ऐसे 2,000 से ज़्यादा कुकिंग बैग बेचे गए हैं, जो इस आसान लेकिन असरदार टेक्नोलॉजी में लोगों की दिलचस्पी दिखाता है।

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