एयर इंडिया सीईओ कैंपबेल विल्सन के इस्तीफे के बाद टाटा समूह को नए चेहरे की तलाश

टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन एयर इंडिया के सीईओ यानी मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। विमान हादसों के अलावा घाटे की परिस्तिथियों के बीच अब वे नोटिस पीरियड पर रहकर कंपनी को संभालेंगे। उनका कार्यकाल इस साल सितंबर में समाप्त होना था।

मीडिया रिपोर्ट से मिलने वाली ख़बरों के मुताबिक़, विल्सन ने अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद छोड़ने का फैसला लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है और वे फिलहाल ‘नोटिस पीरियड’ पर हैं।

बताते चलें कि साल 2022 में टाटा समूह ने एयर इंडिया की ज़िम्मेदारी संभाली थी। ध्यान रहे कि विल्सन को जुलाई 2027 तक के पांच साल के अनुबंध पर नियुक्त किया गया था। उन्हें इस उम्मीद के साथ पद पर बैठाया गया था कि वे सरकारी दौर की सुस्ती को समाप्त करने के साथ एयरलाइन में बड़े और महत्वपूर्ण बदलाव करेंगे।

गौरतलब है कि कैंपबेल विल्सन ने ऐसे समय में इस्तीफा दिया है जब एयर इंडिया अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रही है। अहमदाबाद में जून 2025 में हुए भीषण विमान हादसे के बाद से एयरलाइन लगातार नियामक जांच और सार्वजनिक दबाव का सामना कर रही है। उस हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद एयरलाइन की सुरक्षा व्यवस्था और परिचालन मानकों पर गंभीर सवाल उठाए गए थे।

अनुमान है कि वित्‍त वर्ष 2026 में एयर इंडिया को 20,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अलावा जून 2025 में अहमदाबाद में हुए विमान हादसे के बाद भी एयर इंडिया सवालों के कटघरे में है। इन हालत के बीच विल्सन उन चुनौतियों को पूरा करने में विफल रहे जिसकी एयरलाइन ने उनसे उम्मीद की थी।

अनुमान है कि आने वाले सप्ताह में एयर इंडिया की ओर से आधिकारिक घोषणा और नए सीईओ के नाम की घोषणा हो सकती है। कैंपबेल विल्सन, नए उत्तराधिकारी के मिलने तक पद पर बने रहेंगे। वह इससे पहले सिंगापुर एयरलाइंस की सहायक कंपनी ‘स्कूट’ के प्रमुख रह चुके हैं। फिलहाल टाटा समूह को एक ऐसे अनुभवी नेतृत्व की तलाश है जो न केवल एयर इंडिया की छवि को सुधार सके, बल्कि इसे आर्थिक रूप से भी मजबूती प्रदान करे।

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