मुरादाबाद के सबीह ख़ान बने एपल के नए सीओओ

आईफ़ोन का निर्माण करने वाली मशहूर टेक्नोलॉजी कंपनी एपल ने भारतीय मूल के सबीह ख़ान को एपल का सीओओ बनाया है। एपल के सीईओ टिम कुक को उम्मीद कि सबीह, अमेरिका में एपल के मैन्युफ़ैक्चरिंग के विस्तार को संभालेने के साथ एपल वैश्विक चुनौतियों का सामना कर सकेंगे।

मुरादाबाद के सबीह ख़ान बने एपल के नए सीओओ

भारतीय मूल के सबीह ख़ान इस समय एपल का सीओओ बनाया जाना कंपनी के भीतर एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक़, दुनिया भर में बिकने वाले कुल आईफ़ोन में से करीब 20 प्रतिशत भारत में बनते हैं, वहीँ एपल की योजना इस हिस्सेदारी को और बढ़ाने की है।

एपल के सीईओ टिम कुक द्वारा भारतीय मूल के सबीह ख़ान के सीओओ बनाने को भारत में आईफ़ोन का निर्माण जारी रखने की प्रतिबद्धता से जोड़ा जा रहा है। दूसरी तरफ इस टेक्नोलॉजी कंपनी में काम कर रहे सबीह ख़ान ऐसे समय में यह ज़िम्मेदारी संभालने जा रहे हैं, जब मौजूदा सीओओ जेफ़ विलियम्स रिटायरमेंट के लिए तैयार हैं।

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में साल 1966 में जन्मे सबीह ख़ान का परिवार उस समय सिंगापुर चला गया जब वह दस साल के थे। उनकी शुरुआती पढ़ाई सिंगापूर में हुई। इसके बाद वह उच्च शिक्षा के लिए अमरीका आ गए।

सबीह ने अमरीका में टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग के अलावा इकोनॉमिक्स में डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने रेन्सलियर पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की।

1995 में सबीह ने एपल में लेते हुए प्रोक्योरमेंट ग्रुप में काम करना शुरू किया और अपनी मेहनत के भरोसे आगे का सफर तय करते गए। सबीह साल 2019 में एपल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (ऑपरेशंस) बने। वह एपल के सप्लायर रिस्पॉन्सिबिलिटी प्रोग्राम के प्रमुख भी रहे।

सबीह ख़ान के पर्यावरण के प्रति सजगता को हाइलाइट करते हुए टीम कुक का कहना था कि सबीह ने हमारे एन्वायरनमेंट सस्टेनेबिलिटी के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को आगे बढ़ाया, जिससे एपल के कार्बन उत्सर्जन में 60 फ़ीसदी की कमी आई।

सबीह एपल ज्वाइन करने से पहले जीई प्लास्टिक्स में काम कर चुके हैं। यहाँ उन्होंने बतौर एप्लिकेशन डेवलपमेंट इंजीनियर और अकाउंट टेक्निकल लीडर के रूप अपनी ज़िम्मेदारी संभाली है।

याद दिला दें कि कुछ ही दिन पहले अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टिम कुक को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर एपल अमरीका के बाहर, ख़ासकर भारत में आईफ़ोन बनाएगा, तो उसके उत्पादों को भारी टैरिफ़ का सामना करना पड़ेगा। भारत में एपल ने साल 2017 में आईफ़ोन का उत्पादन शुरू किया था।

बताते चलें कि वित्त वर्ष 2024-25 में भारत से 17.4 अरब डॉलर के आईफ़ोन का निर्यात किया था जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में एपल ने भारत में 22 अरब डॉलर मूल्य के आईफ़ोन तैयार किए। पिछले साथ की तुलना में यह संख्या 60 प्रतिशत अधिक है।

कंपनी के सीईओ टिम कुक पहले ही यह उम्मीदजाता चुके हैं कि अमरीका में बिकने वाले अधिकतर आईफ़ोन का उत्पादन भारत में होगा। याद दिला दें कि कुछ दिन पहले उन्होंने निवेशकों के साथ कॉल पर कहा था कि अमरीकी बाज़ार में बिकने वाले ज़्यादातर आईफ़ोन भारत में बनाए जाएंगे, जबकि आईपैड और आईवॉच जैसे उत्पाद वियतनाम में तैयार किए जाएंगे।

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