रूस के संघर्ष विराम के प्रस्ताव को सुरक्षा परिषद से मंजूरी नहीं मिल सकी

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इजरायल-फिलिस्तीनी युद्धविराम के रूस के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी। सुरक्षा परिषद ने इज़राइल-फिलिस्तीन संकट में तत्काल मानवीय युद्धविराम के लिए 4 सदस्यों के पक्ष में और 5 के विरोध में दिए गए वोट पर रूसी संघ का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया।

रूस के संघर्ष विराम के प्रस्ताव को सुरक्षा परिषद से मंजूरी नहीं मिल सकी

सुरक्षा परिषद रूसी संघ द्वारा प्रस्तुत उस प्रस्ताव को अपनाने में विफल रही, जिसने मौजूदा इज़राइल-फिलिस्तीन संकट में तत्काल मानवीय युद्धविराम का आह्वान किया गया था।

रूसी प्रस्ताव में मानवीय युद्धविराम का आह्वान किया गया था। जिसमे संयुक्त राज्य अमरीका, ब्रिटेन, फ्रांस और जापान ने विरोध में मतदान किया। चीन, अमीरात, गैबॉन और मोज़ाम्बिक का समर्थन काम नहीं आया।

उधर, रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन बुधवार को इजरायल का दौरा करेंगे। अमरीकी राष्ट्रपति ने अपने मिस्र के समकक्ष को फोन किया और क्षेत्र में इजरायल-फिलिस्तीनी युद्ध को फैलने से रोकने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि हमास को पूरी तरह खत्म किया जाना चाहिए और उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि गाजा पट्टी पर दोबारा कब्जा करना इजरायल की गलती हो सकती है।

उधर, अमरीकी विदेश मंत्री ने इजरायली रक्षा मंत्री से मुलाकात की और समर्थन का आश्वासन दोहराया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी राष्ट्रपति ने अपने फ्रांसीसी समकक्ष से भी संपर्क किया है और गाजा पर हमले जारी रहने पर संकट बढ़ने की चेतावनी दी है।

ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि वे गाजा में युद्ध अपराधों के मूक दर्शक नहीं बने रहेंगे, एहतियात के तौर पर अगले कुछ घंटों में कोई कार्रवाई की जा सकती है।

उन्होंने धमकी दी कि अगर युद्ध फैला तो इजराइल का भूगोल बदल जाएगा। आगे उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध में ईरान की भागीदारी से इंकार नहीं किया जा सकता है।

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