रविवार को तेलंगाना के दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सरकारी समारोह में कई विकास परियोजनाओं की घोषणा की। सिकंदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने लोगों से विदेशी मुद्रा बचाने की अपील की। इसके लिए उन्होंने कई सुझाव भी बताए।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान एक साल तक सोना न ख़रीदने और खाने का तेल कम इस्तेमाल करने की अपील की है। जनसभा में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘सप्लाई चेन की इन मुश्किलों के बीच पिछले दो महीने से ही हमारे पड़ोस में इतना बड़ा युद्ध चल रहा है। इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ा है और भारत पर तो और भी गंभीर असर पड़ा है।’
प्रधानमंत्री के बयान पर एतराज़ जताते हुए कांग्रेस का कहना है कि पीएम मोदी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए आपातकालीन क़दम उठाने की जगह जनता को ही मुश्किल में डाल रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, सप्लाई चेन का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘सप्लाई चेन पर लगातार संकट बना रहे तो हम कितने भी उपाय कर लें मुश्किलें बढ़ती ही जाती हैं। इसलिए अब देश को सर्वोपरि रखते हुए, हमें एकजुट होकर लड़ना होगा। देश के लिए मरना ही देशभक्ति नहीं होती है, देश के लिए जीना और देश के लिए अपने कर्तव्यों को निभाना वो भी देशभक्ति होती है।’
ईरान अमरीका जंग का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा, ‘भारत सरकार इस युद्ध के पिछले दो महीनों से देशवासियों को इस संकट से बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। नागरिकों पर बोझ ना पड़े, इसके लिए सरकार सारा बोझ खुद अपने कंधे पर उठा रही है।’
उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि भारत के पास बड़े-बड़े तेल के कुएं नहीं हैं। हमें अपनी ज़रूरत के पेट्रोल-डीज़ल-गैस ये सभी बहुत बड़ी मात्रा में दुनिया के दूसरे देशों से मंगाने पड़ते हैं। युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में पेट्रोल, डीज़ल, गैस और फ़र्टीलाइज़र के दाम बहुत अधिक बढ़ चुके हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि सोने की ख़रीद एक और पहलू है जिसमें विदेशी मुद्रा बहुत खर्च होती है। आगे उन्होंने कहा कि एक समय था जब संकट आता था तब लोग देशहित में सोना दान दे देते थे। आज दान की ज़रूरत नहीं है लेकिन देशहित में हमें यह तय करना होगा कि सालभर तक घर में कोई कार्यक्रम हो, हम सोने के गहने नहीं ख़रीदेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी के इस भाषण के बाद राहुल गांधी ने इसे नाकामी का सबूत बताया और कहा कि अब जनता को यह बताना पड़ रहा कि क्या ख़रीदें और क्या नहीं। राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, ‘मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे- सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम इस्तेमाल करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो. ये उपदेश नहीं, ये नाकामी के सबूत हैं।’
उन्होंने यह भी लिखा, ’12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है- क्या ख़रीदें, क्या न ख़रीदें, कहां जाएं, कहां न जाएं। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें। देश चलाना अब कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम के बस की बात नहीं।’