जंतर-मंतर पर अपने हालिया विरोध प्रदर्शन में पेपरलीक मामले में मिली कामयाबी के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने एक राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क अभियान का एलान किया है। दीपके का कहना है कि राजनीतिक सिस्टम से लोगों का भरोसा उठता जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए ख़तरनाक बताया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, काक्रोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बीते दिन अपने गृह नगर छत्रपति संभाजी नगर में ‘क्या बोलती पब्लिक’ नाम के अभियान की घोषणा की। दीपक के इस अभियान का उद्देश्य ‘लोगों के मुद्दों’ को समझना है।
नीट पेपर लीक मामले पर इस दल ने सोशल मीडिया के ज़रिये अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया जो बाद में जंतर मंतर तक पहुंचा। परिणाम स्वरुप तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के 25 जुलाई को हुए इस्तीफ़े के बाद ये आंदोलन ख़त्म हो गया था।
छत्रपति संभाजी नगर में सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने गुरूवार को आगे की रणनीति की घोषणा की। इस दौरान पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका के उनके साथ रहे।
ख़बरों के मुताबिक़, अभिजीत दीपके ने अभियान का लक्ष्य शिक्षा को बनाया है। उनका कहना है कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग की बढ़ती फ़ीस की वजह से कई परिवारों के लिए अच्छी शिक्षा पाना मुश्किल हो गया है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने संस्थागत जवाबदेही की बात की। साथ ही उन्होंने दावा किया कि देश के सभी संस्थानों के ऊपर देश का भरोसा कम होता जा रहा है और लोगों में ग़ुस्सा बढ़ता जा रहा है।
दीपके ने न्यायपालिका पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कहा कि जो आम इंसान न्यायपालिका में जाता है उसकी सुनवाई जल्दी नहीं होती, उस पर फ़ैसले जल्दी नहीं आते। आगे उन्होंने कहा कि जो भी बड़ा बिज़नेसमैन कोर्ट जाता है उसकी तुरंत सुनवाई हो जाती है, कई मामलों में आधी रात में सुनवाई हुई है। उन्होंने इस बात पर भी एतराज़ जताया की कि जहां सरकार गिरानी है वहां तुरंत सुनवाई हो जाती है।
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली पर उन्होंने बताया कि सीजेपी की टीम झारखंड में प्रोटेस्ट में शामिल है और छात्रों के समर्थन में खड़ी है।
आगे उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति की बात करें तो लोग कहते हैं कि हम सुबह किसी को एक पार्टी से चुनते हैं और शाम को वो किसी और पार्टी में होता है। उन्होंने लोगों के हवाले से यह मुद्दा भी सामने रखा कि सुबह वह एक सरकार के लिए वोट करते हैं और शाम को कोई और ही सरकार बन जाती है। इन सबके बीच दीपक ने ईडी-सीबीआई को भेजकर पार्टियों को तोड़ने की भी बात कही।
दीपके ने मीडिया से यह भी कहा कि राजनीतिक सिस्टम से लोगों का भरोसा उठता जा रहा है। आगे उनका कहना था कि यदि ऐसा चलता रहा तो इस देश के लोकतंत्र के लिए ये बहुत ही ख़तरनाक संकेत हैं।