प्रीपेड स्मार्ट मीटर कंज्यूमर्स के लिए ज़रूरी नहीं हैं- केंद्रीय बिजली मंत्री

केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल ने साफ़ किया है कि प्रीपेड इलेक्ट्रिक स्मार्ट मीटर सभी कंज्यूमर्स के लिए ज़रूरी नहीं हैं। आज लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान सप्लीमेंट्री सवालों का जवाब देते हुए, श्री लाल ने कहा कि अगर कंज्यूमर्स प्रीपेड स्मार्ट मीटर पर स्विच करना चुनते हैं, तो इससे न केवल कंज्यूमर्स को बल्कि राज्यों और यूटिलिटी कंपनियों को भी फ़ायदा होगा। उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए हैं।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने लोकसभा में स्पष्ट करते हुए कहा है कि पूरे देश में विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) के तहत उपभोक्ता की सहमति के बाद ही स्मार्ट मीटर को प्रीपेड मोड में लगाया जा सकता है।

आगे उन्होंने कहा कि धारा 47(5) के अनुसार, यदि उपभोक्ता स्वयं प्रीपेड मीटर चाहता है, तो वितरण लाइसेंसी को उसे यह सुविधा प्रदान करनी होती है और इसके लिए किसी प्रकार की सुरक्षा राशि नहीं ली जाती।

मनोहर लाल खट्टर के मुताबिक़, अभी बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों का घाटा लगभग सात लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। आगे उन्होंने कहा कि जहां भी प्रीपेड सिस्टम लागू किया गया है, वहां कंपनियों का घाटा खत्म हुआ है और वे प्रॉफिट में भी आ गई हैं। उन्होंने बताया कि बिलों के सही कलेक्शन पक्का करने के लिए प्रीपेड स्मार्ट मीटर लाए जा रहे हैं।

विद्युत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियम, 2020 का हवाला देते हुए उनका कहना था कि नए कनेक्शन स्मार्ट प्रीपेड मीटर के साथ दिए जाने का प्रावधान है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रीपेड इलेक्ट्रिक स्मार्ट मीटर ऑप्शनल हैं और यह किसी भी कंज्यूमर पर ज़बरदस्ती नहीं लगाए जा रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, लोकसभा में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री का बयान आने से राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इसका शत प्रतिशत पालन कराने की मांग की है। अपने बयान में उन्होंने कहा कि परिषद लगातार मांग कर रहा है कि बिना उपभोक्ताओं की अनुमति के मीटर न बदला जाए। उन्होंने इसके बाद भी निगमों में जबरदस्ती मीटर बदले जाने की बात कही।

जानकारी में यह भी सामने आया कि प्रदेश में 70 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं के स्मार्ट प्रीपेड मीटर को प्रीपेड मोड में बिना उपभोक्ताओं की सहमति के लगाया गया है। ऐसे में जिनका बिना अनुमति के मीटर बदला गया है, उन्हें उपभोक्ताओं की इच्छा के अनुसार परिवर्तित किया जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *