पोप लियो XIV ने दुनिया भर के युद्ध पीड़ितों के लिए एक तत्काल अपील जारी की, जिसमें गाजा में मानवीय स्थिति के लिए गहरी चिंता व्यक्त की गई, जहां उन्होंने बंधकों की रिहाई और मानवीय कानून के पूर्ण सम्मान के लिए एक विशेष प्रार्थना की।

कैथोलिक ईसाइयों के आध्यात्मिक नेता पोप लियो ने गाजा में भूख से हुई मौतों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। कैथोलिक ईसाइयों के आध्यात्मिक नेता पोप लियो ने तत्काल युद्धविराम और मानवाधिकारों के सम्मान का आह्वान किया है।
गाजा में भूख ने जिंदगियों को निगलना शुरू कर दिया है। बच्चे, बुजुर्ग, युवा, महिलाएं, रोटी के एक टुकड़े के लिए तरस रहे हैं। यहाँ लाखों असहाय नागरिकों के लिए खाना एक दुर्लभ चीज़ हो गई है।
वेटिकन सिटी में प्रार्थना के उपरांत संत पापा ने कहा- “मैं गज़ा में गंभीर मानवीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त कर रहा हूँ, जहाँ नागरिक भूख से त्रस्त हैं और हिंसा एवं मौत के खतरे में है। मैं युद्धविराम, बंधकों की रिहाई और मानवीय कानूनों के पूर्ण सम्मान के लिए अपनी हार्दिक अपील दोहराता हूँ।
इस दौरान पीड़ितों के सहायता केंद्रों वाले वीडियो ने मानवता को शर्मसार कर दिया है, नेतन्याहू की कब्ज़ाकारी सेना ने अकाल की स्थिति पैदा कर दी है, समुद्र को अवरुद्ध कर दिया है, मानवीय सहायता रोक दी है, भोजन और दवा ले जा रही एक नाव पर छापा मारा है और सहायता सामग्री जब्त कर ली है।
अपने बयान में पोप ने कहा कि हर इंसान में ईश्वर की दी हुई एक अंतर्निहित गरिमा होती है। उन्होंने सभी संघर्षरत पक्षों से आग्रह किया कि वे इस गरिमा को पहचानें और इसके विरुद्ध कोई भी कार्य न करें।
पोप ने अपने संदेश में आग्रह किया कि वे सभी लोगों के लिए शांति के भविष्य के लिए बातचीत करें और ऐसी हर चीज को अस्वीकार करें जो इसे खतरे में डाल सकती है।











