बिना पायलट वाली उड़ान बनी आने वाले दौर की पहली झलक

अमरीकी एयरक्राफ्ट कंपनी के सिंगल-इंजन सेसना कारवां ने बिना पायलट वाली टेस्ट उड़ान सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इस प्लेन के उड़ान रूट के लिए ऑटोमैटिक प्रोग्रामिंग का इस्तेमाल किया गया था।

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर के पहले सप्ताह में उड़ाए गए इस प्लेन ने कैलिफ़ोर्निया से उड़ान भरी और फिर बिना पायलट की मदद के पूरे यूनाइटेड स्टेट्स में 3,199 मील की यात्रा की। इस विमान में इस्तेमाल किया गया ऑटोनॉमस सॉफ्टवेयर मुख्य रूप से Xwing नामक कंपनी द्वारा तैयार किया गया था, जिसे जॉबी एविएशन ने 2024 में खरीदा था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इस बारे में एक सीनियर एविएशन अधिकारी का कहना है कि सफलता का यह सफर एविएशन इंडस्ट्री में एक नए दौर की पहली झलक है। बताते चलें कि पूरी तरह से ऑटोमेटेड विमान के ऑटोनॉमस सिस्टम ने केवल हवा में ही नहीं, बल्कि टैक्सीइंग (रनवे पर चलना), टेकऑफ, रूट नेविगेशन, खराब मौसम में रास्ता बदलना और लैंडिंग तक के सभी काम खुद किए।

रिपोर्ट में कहा गया है कि प्लेन के उड़ान रूट के लिए ऑटोमैटिक प्रोग्रामिंग का इस्तेमाल किया गया था। इस पूरी उड़ान का संचालन कैलिफोर्निया और दक्षिण कैरोलिना की सुविधाओं से हजारों मील दूर बैठे इंजीनियरों द्वारा रिमोट के माध्यम से किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, उड़ान के दौरान प्लेन को कई जगहों पर रोका गया, जबकि एविएशन मशीन लगातार यात्रा में आने वाली रुकावटों पर नज़र रखती रही। आखिर में, प्लेन ने अपनी टेस्ट उड़ान सफलतापूर्वक पूरी कर ली।

हालाँकि सुरक्षा के हवाले से विमान के अंदर एक ‘सेफ्टी पायलट’ मौजूद था, लेकिन कंपनी के अनुसार पूरी यात्रा के दौरान पायलट को एक बार भी विमान के कंट्रोल्स को हाथ लगानेकी जरूरत नहीं पड़ी।

उम्मीद है कि इन ऑटोमैटिक उड़ानों से प्राकृतिक आपदाओं और मिलिट्री ऑपरेशन के दौरान दूर-दराज के इलाकों तक पहुंच आसान हो जाएगी। इस तकनीक का सफल परीक्षण भविष्य में बिना पायलट वाले कार्गो विमानों, आपदा राहत अभियानों और सैन्य रसद सप्लाई के लिए एक बड़ा क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है

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