बिहार में आज नीतीश कुमार दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। नीतीश कुमार ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को अपना इस्तीफा सौंपने के बाद नए सिरे से सरकार गठन का दावा पेश किया है। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में नीतीश सरकार के शपथ ग्रहण की सारी तैयारियां हो चुकी हैं।

एनडीए यानी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से फिर नेता चुना गया। नेता चुने जाने के बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली इस सरकार में ज़्यादातर पुराने चेहरे ही नजर आ सकते हैं।
नेता चुने जाने के बाद नीतीश राज्यपाल से मिलने पहुंचे। उनके साथ केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, राजीव रंजन सिंह और धर्मेंद्र प्रधान, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य आदि भी मौजूद थे।
भाजपा का इरादा बिहार में मंत्रियों में बहुत अधिक बदलाव करने न नज़र नहीं आ रहा है। पार्टी ने अपने विधायक दल का नेता सम्राट चौधरी और उप नेता विजय कुमार सिन्हा को चुना है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यही दोनों उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ भी लेंगे।
नीतीश सरकार के शपथ ग्रहण की सारी तैयारियां पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान मेंहो चुकी हैं। यहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कई केंद्रीय मंत्रियों समेत एनडीए के सभी घटकों के प्रमुखों, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और बड़े नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। अमित शाह पटना पहुंच चुके हैं और कैबिनेट को लेकर उन्होंने नीतीश के साथ चर्चा की है।
चिराग पासवान की लोजपा(आर), उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो और जीतन राम मांझी भी मंत्रिमंडल में नए चेहरे के रूप में नजर आएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और कई केंद्रीय मंत्रियों समेत राजग के सभी घटकों के प्रमुखों, राजग शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति में यह राजग के लिए शक्ति प्रदर्शन का बड़ा मौका होगा।
राजग विधायक दल की बैठक में बुधवार को नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से फिर नेता चुना गया। जदयू विधायक विजय चौधरी ने नीतीश को नेता चुनने का प्रस्ताव रखा और भाजपा के सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने अनुमोदन किया। राजग के अन्य दलों के विधायकों द्वारा इसका समर्थन किया गया।
