फैटी लिवर के के प्रति लापरवाही बड़े जोखिम में डाल सकती है

फैटी फूड के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से फैटी लिवर दुनिया भर में एक आम बीमारी बनती जा रही है। इन सबके पीछे बेतुका लाइफस्टाइल, फ्रोजन, प्रोसेस्ड, फास्ट फूड, और सक्रियताओं की कमी सबसे बड़ा कारण है।

फैटी लिवर के के प्रति लापरवाही बड़े जोखिम में डाल सकती है

एक्सपर्ट्स का कहना है कि शुरुआती लक्षणों पर ध्यान देकर, समय पर इलाज और लाइफस्टाइल में बदलाव करके लिवर को होने वाले परमानेंट नुकसान से बचाया जा सकता है।

वहीँ मेडिकल एक्सपर्ट्स यह भी कहते हैं कि अगर फैटी लिवर का समय पर पता न चले, तो इससे नॉन-अल्कोहलिक स्टीटोहेपेटाइटिस (NASH), फाइब्रोसिस, सिरोसिस और कुछ मामलों में लिवर कैंसर भी हो सकता है। एक्सपर्ट्स ने फैटी लिवर के बारे में जो खास लक्षण बताए हैं, वे इस तरह हैं-

  • वज़न बढ़ना और खासकर पेट के आस-पास फैट जमा होना लिवर में फैट जमा होने का संकेत हो सकता है।
  • लगातार थकान महसूस होना, बहुत आराम करने के बाद भी थका हुआ और कमज़ोर महसूस होना लिवर के खराब काम करने के संकेत हैं।
  • पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द या भारीपन लिवर में ज़्यादा फैट होने का संकेत है।
  • फैटी लिवर अक्सर इंसुलिन रेजिस्टेंस से जुड़ा होता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है।
  • यूरिन और स्टूल के रंग में बदलाव को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए, पीला यूरिन और हल्के रंग का स्टूल लिवर डैमेज का संकेत हो सकता है, जो बताता है कि बाइल प्रोडक्शन पर असर पड़ा है।
  • आंखों और स्किन का पीला पड़ना लिवर के गंभीर डैमेज का संकेत है और इसके लिए तुरंत मेडिकल मदद की ज़रूरत होती है।
  • शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल ज़्यादा होना, हाई कोलेस्ट्रॉल न सिर्फ़ दिल की बीमारी का खतरा बढ़ाता है बल्कि फैटी लिवर को और भी खराब कर सकता है।
  • कमज़ोर लिवर में खून का थक्का बनाने वाले प्रोटीन कम बनते हैं, छोटी-मोटी चोट से ज़्यादा ब्लीडिंग भी फैटी लिवर का संकेत है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे लक्षण दिखने पर लिवर को गंभीर नुकसान से बचाने के लिए तुरंत अपने चिकित्सक की सलाह लेना ज़रूरी है।

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