केंद्र सरकार की ओर से पेट्रोल और डीजल की सप्लाई संबंधी नए नियम लागू किए गए हैं। इस नियम के मुताबिक़, अब बड़े औद्योगिक और व्यावसायिक ग्राहक पेट्रोल पंप से ईंधन नहीं खरीद सकेंगे। इस तरह से अब बड़े खरीदारों के लिए पेट्रोल पंप का माध्यम बंद कर दिया गया है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा पेट्रोल पंपों से ईंधन की खरीद पर लगी पाबन्दी के तहत एक ग्राहक को एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं मिलेगा। बताते चलें कि इस नए आदेश के तहत अब फैक्ट्रियां और बड़ी कंपनियां पेट्रोल पंप से तेल नहीं खरीद पाएंगी। इस नियम को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
इस आदेश की निगरानी के लिए केंद्र या राज्य सरकार के राजपत्रित अधिकारियों, डीएसपी रैंक या उससे ऊपर के पुलिस अधिकारियों और तेल कंपनियों के सेल्स ऑफिसर रैंक के अधिकारियों को तलाशी और जब्ती के अधिकार दिए गए हैं। नियम तोड़ने या आदेश का उल्लंघन करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और दूसरे लागू कानूनों के तहत सजा का प्रावधान है। साथ ही राज्य सरकारों से कहा गया है कि वे जमाखोरी कालाबाजारी और डायवर्सन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
सरकार द्वारा लाए गए इस आदेश के बाद अब औद्योगिक, कमर्शियल और संस्थागत ग्राहक पेट्रोल पंप से पेट्रोल या डीजल नहीं खरीद सकेंगे। इस सभी को अपनी जरूरत का ईंधन सिर्फ अपने कंज्यूमर पंप से ही लेना होगा।
पेट्रोल पंप के लिए सरकारी नियम के तहत अब डीजल सिर्फ गाड़ी की टंकी में या पेसो से अप्रूव्ड कंटेनर में ही देने की अनुमति है। एक ग्राहक या एक गाड़ी को एक दिन में 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं मिलेगा साथ ही इस डीजल को आगे बेचने की भी इजाजत नहीं होगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, यह पाबंदी अस्थायी है। तेल कंपनियों और पंप डीलरों को इन नियमों का पालन करना होगा। यह भी बताते चलें कि आदेश के तहत जारी कोई भी निर्देश शुरुआत में ज्यादा से ज्यादा 90 दिन के लिए लागू रहेगा। सरकार आवश्यकतानुसार इसे आगे बढ़ा सकती है। साथ ही सरकार चाहे तो किसी ग्राहक, इलाके या लेनदेन को इन नियमों से छूट भी दे सकती है।