लाइफ इंश्योरेंस कार्पोरेशन से अच्छे कारोबार के संकेत मिले हैं। कार्पोरेशन के आंकड़े न्यू बिजनेस प्रीमियम 10 प्रतिशत के इज़ाफ़े के संकेत दे रहे हैं।

लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक़ एलआईसी ने नए व्यवसाय प्रीमियम में पिछले महीने 13,610.63 करोड़ रुपए एकत्र किए। यह राशि पिछले वर्ष अप्रैल के 12,383.64 करोड़ रुपये से अधिक हैं।
आंकड़ों से पता चलता है कि इंडिविजुअल प्रीमियम कैटेगरी में एलआईसी ने 0.46 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की है। अप्रैल 2025 में, इस श्रेणी में एलआईसी ने 3160.87 करोड़ रुपये एकत्र किए, वहीँ अप्रैल 2024 में यह संख्या 3,175.47 करोड़ थी।
भारतीय जीवन बीमा निगम की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक़, उसके नए कारोबारी प्रीमियम में अप्रैल में सालाना आधार पर 9.91 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह इंडस्ट्री की 8.43 प्रतिशत की ग्रोथ रेट के अलावा प्राइवेट लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों की 6.09 प्रतिशत की वृद्धि दर से अधिक रही।
बताते चलें कि प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों ने 8,355.10 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। यह पिछले साल के 7,875.22 करोड़ रुपये से 6.09% अधिक है।
ये आंकड़े केवल अप्रैल 2025 यानी एक माह के हैं। इस आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि संपूर्ण वित्तीय वर्ष के दौरान, जीवन बीमा उद्योग और व्यक्तिगत कंपनियों का योगदान कहीं अधिक होना चाहिए।
गौरतलब है कि भारतीय जीवन बीमा निगम में वर्तमान में सरकार की 96.5% हिस्सेदारी है। मई 2022 में एलआईसी का IPO आया था, जिसमें सरकार ने 3.5% हिस्सेदारी बेचकर लगभग 21,000 करोड़ रुपये जुटाए थे।
भारतीय जीवन बीमा निगम दुनिया का तीसरा सबसे मजबूत बीमा ब्रांड है, जिसने 2025 के लिए ब्रांड फाइनेंस इंश्योरेंस रिपोर्ट के अनुसार 100 में से 87.9 का ब्रांड स्ट्रेंथ इंडेक्स (बीएसआई) स्कोर हासिल किया है।











