अस्थमा के इलाज में आपका साथ देती हैं पत्तेदार सब्जियाँ

कोपेनहेगन: एक अध्ययन से पता चला है कि पत्तेदार सब्जियां स्वस्थ फेफड़ों की रखवाली के साथ अस्थमा के इलाज में मददगार साबित होती हैं।

अस्थमा के इलाज में आपका साथ देती हैं पत्तेदार सब्जियाँ

कोपेनहेगन विश्वविद्यालय में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, जिन लोगों के रक्त में विटामिन K का स्तर कम होता है, उनमें कमजोर फेफड़े, अस्थमा, सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं होने की संभावना अधिक होती है। इन समस्याओं के अलावा मरीज को अकसर सांस बाहर निकालते समय आवाज आने की समस्या भी हो जाती है।

विटामिन K आमतौर पर पालक और ब्रोकोली जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों, वनस्पति तेलों और अनाजों में पाया जाता है। यह रक्त के थक्के जमने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और शरीर के घावों को ठीक करने में मदद करता है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों के रक्त में विटामिन के का स्तर कम था, उनके फेफड़ों की कार्यक्षमता खराब थी और उनमें पुरानी श्वसन समस्याएं विकसित होने की संभावना दोगुनी थी।

अब शोधकर्ताओं ने फेफड़ों में इसकी भूमिका पर जानकारी इकठ्ठा की है। अभी तक इस सम्बन्ध में पर्याप्त जानकारी नहीं थी और अभी भी इस विषय पर बहुत काम किया जाना बाक़ी है।

शोधकर्ताओं की एक टीम ने फेफड़े के कार्य परीक्षण में भाग लेने वाले 4,000 लोगों के डेटा की समीक्षा की। इन व्यक्तियों के रक्त के नमूने जमा किए गए और उनके स्वास्थ्य और जीवनशैली के बारे में तैयार प्रश्नावली के आधार पर उत्तर लिए गए।

समीक्षा में शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों के रक्त में विटामिन के का स्तर कम था, उनके फेफड़ों की कार्यक्षमता खराब थी और उनमें पुरानी श्वसन समस्याएं विकसित होने की संभावना दोगुनी थी। पड़ताल से यह भी पता चला कि इन लोगों में अस्थमा विकसित होने की संभावना 44 प्रतिशत अधिक थी। इनमे सांस लेते वक़्त आवाज़ आने की समस्याएं होने की संभावना 81 प्रतिशत अधिक थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *