तापमान को घटाने के लिए वैज्ञानिकों ने बनाया दुनिया का सबसे सफेद पेंट

हर साल बढ़ते तापमान के साथ इससे राहत पाने के विकल्पों की मांग और खोज भी बढ़ती जा रही है। ऐसे में इमारतों को ठंडा रखना एक मुश्किल चुनौती बन गया है। इनमे अधिकतर विकल्प खर्च बढ़ने वाले होते हैं और यही कारण है कि अब वैज्ञानिक ऐसे कूलिंग सिस्टम को लक्ष्य कर रहे हैं जो लागत के मामले में भी राहत भरा हो।

शोधकर्ता इस हल को तलाशने में ऊर्जा की लागत और ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन का भी ख्याल रखना अपनी प्राथमिकता मानते हैं। वैज्ञानिक ऐसे विकल्पों की तलाश कर रहे हैं जो प्रकृति के खिलाफ़ नहीं, बल्कि उसके साथ मिलकर काम करें। ऐसे में एक अच्छा तरीका यह है कि इमारतों को गर्म होने से ही बचाया जाए।

इसका सबसे बेहतर हल यही है कि सूरज की रोशनी को ज़्यादा से ज़्यादा वापस परावर्तित (reflect) किया जा सके। ऐसी ‘पैसिव कूलिंग’ तकनीकें ऊर्जा की मांग को कम कर सकती हैं, घर के अंदर आराम बढ़ा सकती हैं और भीषण गर्मी के समय बिजली ग्रिड पर पड़ने वाले दबाव को कम कर सकती हैं।

पर्ड्यू यूनिवर्सिटी (Purdue University) के इंजीनियरों की एक टीम का मानना ​​है कि उन्होंने इस दिशा में एक बड़ी कामयाबी पाई है। उन्होंने एक ऐसा खास सफ़ेद पेंट बनाया है जो सीधी धूप में भी सतहों को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखता है।

एसीएस एप्लाइड मैटेरियल्स और इंटरफेस जर्नल में छपी रिसर्च में टीम ने इस पेंट को अब तक की सबसे अच्छी परफॉर्मेंस वाी सिंगर-लेयर रेडिएटिव कूलिंग कोटिंग बताया है।

सफेद रंग गर्मी को सबसे कम अवशोषित करता है। इसलिए इंजीनियरों ने इस नई कोटिंग को तैयार किया है, ताकि सूरज से आने वाली लगभग सारी ऊष्मा को छतों और दीवारों पर अवशोषित किए जाने के बजाय वापस लौटा दिया जाए। लैब में हुई जांच में शोधकर्ताओं ने बताया कि यह पेंट सूरज की रोशनी का लगभग 98.1% हिस्सा रिफ्लेक्ट करता है। यह किसी भी सफेद बाहरी पेंट और पहले प्रयोग किए गए वर्शन से बेहतर है।

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, दिन की तेज धूप में जब इस पेंट की टेस्टिंग की गई तो पाया गया कि कोटिंग वाले सैंपर का तापमान आसपास की हवा के तापमान से 4.5 डिग्री सेल्सियस कम रहा। सूरज डूबने के बाद तो सतह का तापमान आसपास की हवा से लगभग 10.5 डिग्री सेल्सियस कम पाया गया। इस पेंट का ऐसा ही असर सर्दियों में भी देखा गया।

इसे तैयार करने के लिए वैज्ञानिकों ने कई तरह के प्राकृतिक रूप से सफेद पदार्थों की तुलना करने के बाद मुख्य पदार्थ के तौर पर बेरियम सल्फेट को चुना। यह कंपाउंड कॉस्मेटिक्स और फोटोग्राफिक पेपर जैसे रोजमर्रा के प्रोडक्ट में अपनी चमकदार दिखावट के कारण पहले से ही जाना-पहचाना है।

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