गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भारत में 15 अरब डॉलर के एआई हब की पूर्व घोषणा की बात कही है। बुनियादी ढांचाविकास वाली इस परियोजना में गीगावाट-स्केल कंप्यूट और एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री केबल मार्ग होगा।

देश में रोजगार और उन्नत एआई विकसित करने के मक़सद से गूगल सीईओ ने ‘इंडिया-अमरीका कनेक्ट इनिशिएटिव’ की घोषणा की है। इस परियोजना में अमरीका, भारत सहित दक्षिणी गोलार्ध के कई स्थानों के बीच एआई संपर्क बढ़ाने के लिए समुद्र के नीचे नए केबल मार्ग बिछाएगा।
गूगल सीईओ पिचाई ने कहा, ‘’एआई को विभिन्न भाषाओं और स्थानीय संदर्भों में काम करना चाहिए। इसे ऐसे वास्तविक लाभ प्रदान करने चाहिए जिन पर लोग भरोसा कर सकें। विश्वास तब बढ़ता है जब प्रौद्योगिकी पारदर्शी, जिम्मेदार और ठोस परिणामों पर आधारित होती है।”
गौरतलब है कि गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में शामिल हुए और उन्होंने आंध्र प्रदेश के विजाग में हाल ही में घोषित 15 बिलियन अमरीकी डॉलर के एआई हब में एक गीगावाट-स्केल कंप्यूट फैसिलिटी और एक इंटरनेशनल सबसी केबल गेटवे की बात कही।
उन्होंने विद्यार्थियों और शुरुआती करियर वाले पेशेवरों के लिए समिट में अंग्रेजी और हिंदी में ‘गूगल एआई पेशेवर प्रमाणपत्र कार्यक्रम’ सहित महत्वाकांक्षी कौशल कार्यक्रमों का भी अनावरण किया। दो करोड़ से अधिक लोक सेवकों की सहायता के लिए ‘कर्मयोगी भारत’ के साथ साझेदारी की बात भी कहै गई। इसमें 10 हजार स्कूलों में जनरेटिव एआई उपकरण पेश करने के लिए ‘अटल टिंकरिंग लैब्स’ के साथ सहयोग और वैश्विक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए तीन करोड़ डॉलर का ‘एआई फॉर साइंस इम्पैक्ट चैलेंज’ शामिल है।











