मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 38 हो गई है। इसमें तीन शावक भी शामिल हैं जिन्हें मादा चीता गामिनी ने जन्म दिया है। यह जानकारी देश के केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने दी।

भूपेन्द्र यादव ने हर बर्थ प्रोजेक्ट को चीता की नींव को मज़बूत करना बताया और इसे फील्ड स्टाफ के साथ जानवरों की टीमों के जुनून और चौबीसों घंटे की लगन को बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस बारे में पोस्ट साझा करते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने लिखा, ‘दक्षिण अफ्रीका से चीतों के आगमन के तीन वर्ष पूर्ण होने पर कूनो में तीन नए शावकों का स्वागत एक नया अध्याय है।’
अपनी पोस्ट के माध्यम से उन्होंने यह भी बताया कि भारत की धरती पर चीतों का यह नौवां सफल शावकों का झुंड है और इससे भारत में जन्मे शावकों की संख्या 27 हो गई है। उनके अनुसार इन नए शावकों के साथ, भारत में चीतों की कुल आबादी अब 38 हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, यह गामिनी का दूसरा प्रसव है और इसके साथ ही कूनो में चीतों के संरक्षण अभियान को एक नई मजबूती मिली है। देश में गामिनी के इन शावकों के जन्म के साथ ही चीतों का यह नौवां सफल प्रसव दर्ज किया गया है। इसके साथ ही भारत में जन्मे जीवित शावकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है, जबकि देश में चीतों की कुल संख्या 38 तक पहुंच गई है।
विशेषज्ञों ने इन नवजात शावकों का मुआयना करने के बाद उम्मीद जताई है कि गामिनी और उसके शावक स्वस्थ रहेंगे और भारत में चीता संरक्षण की कहानी को नई गति देंगे। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने यह भी कहा कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में जन्मे ये नन्हे ‘स्प्रिंटर्स’ देश में चीता पुनर्वास की दिशा में बढ़ते कदम का प्रतीक हैं। यह क्षण न केवल कूनो बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
