होटल मामला: ट्रंप पर अवैध विदेशी भुगतान लेने का आरोप

वाशिंगटन। एेताहिसक बैठक के लिए सिंगापुर गए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक नए विवाद में घिर गए है। डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने मंगलवार को सिंगापुर के सेंटोसा द्वीप में स्थित कैपेला होटल में बहुप्रतीक्षित ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन की शुरुआत की है।

 

लेकिन ट्रंप एक नए विवाद में घिर गए है। वाशिंगटन और मैरीलैंड के वकीलों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में स्थित अपने एक होटल के जरिए विदेशी अधिकारियों से गैरकानूनी रूप से भुगतान लेने के आरोप लगाए हैं। वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इस तरह के भुगतान तब तक वैध हैं जब तक ट्रंप इस भुगतान के बदले में वापस कुछ नहीं देते हैं।

इस प्रतिवाद पर सुनवाई मैरीलैंड की अदालत में चल रही है और यह मामला अमेरिकी संविधान के ‘ परिलब्धि खंड ’ से जुड़ा हुआ है। यह खंड किसी भी सरकारी अधिकारी को संसद की अनुमति के बगैर किसी भी राजा , राजकुमार या किसी भी अन्य देश से कोई भी ‘ उपहार ’, ‘ मेहनताना ’, ‘ पद ’ या कोई भी अन्य चीज लेने पर पाबंदी लगाता है। वहीं वकीलों का कहना है कि ट्रंप हितों के टकराव के दोषी हैं और उन्होंने अपने कारोबार से उचित दूरी नहीं बनाई है।

 

ट्रंप ने जनवरी , 2017 में राष्ट्रपति बनने के बाद अपने रियल एस्टेट कारोबार को अपने दो बेटों को सौंप दिया था लेकिन ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन के शेयर अब भी ट्रंप के पास ही हैं। वाशिंगटन के अटॉर्नी जनरल कार्ल रासीन और मैरीलैंड के अटॉर्नी जनरल ब्रायन फ्रोश का कहना है कि इसका परिणाम यह देखने को मिला है कि विदेश से आए हुए महत्वपूर्ण व्यक्ति जो व्हाइट हाउस से लाभ लेना चाहते हैं वह ट्रंप इंटरनेशनल होटल में ही रूकना पसंद करते हैं।

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