अश्वगंधा के इस्तेमाल को लेकर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने पिछले दिनों एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें अश्वगंधा की पत्तियों के किसी भी रूप में इस्तेमाल पर पाबन्दी लगाईं गई है।
अश्वगंधा की पत्तियों के इस्तेमाल पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने प्रतिबंध लगाते हुए अपनी एडवाइजरी में इसे नुकसानदायक बताया है। जानकारी में कहा गया है कि जड़ी बूटी की इनपत्तियों को फूड प्रोडक्ट्स, सप्लीमेंट्स, चिकित्सीय उद्देश्य के लिए नुकसानदायक हैं।
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया का कहना है कि कई फूड बिजनेस ऑपरेटर्स अपने प्रोडक्ट्स के अंदर अश्वगंधा की पत्तियों का इस्तेमाल कर रहे थे। एडवाइजरी में अश्वगंधा के सही इस्तेमाल की जानकारी के साथ यह भी बताया गया है कि अधिकतर आम जनता को इससे जुड़े नुकसान की जानकारी नहीं है।
जारी एडवाइजरी के मुताबिक, पहले से ही यह नियम तय था कि केवल अश्वगंधा की जड़ और उसका एक्सट्रैक्ट ही खाने-पीने के उत्पादों में इस्तेमाल किया जा सकता है। अब इसे और सख्ती से लागू किया गया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि पत्तियों का किसी भी रूप-चाहे कच्चा हो या एक्सट्रैक्ट- में उपयोग पूरी तरह गैरकानूनी होगा।
यह फैसला उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया।हाल के समय में पाया गया है कि कुछ कंपनियां कोस्ट कटिंग या या उत्पादन बढ़ाने के लिए अश्वगंधा की पत्तियों का इस्तेमाल करने लगी थीं। जबकि इस संबंध में विशेषज्ञों का मानना है कि जड़ की तुलना में पत्तियों के प्रभाव और सुरक्षा को लेकर पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
बताते चलें कि अश्वगंधा एक स्वास्थ्यवर्धक जड़ी-बूटी है और इसका आयुर्वेद व यूनानी चिकित्सा में काफी उपयोग किया जाता है। यह निर्देश सभी फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) को आयुष मंत्रालय की तरफ से 15 अप्रेल 2026 को जारी लेटर के बाद दिया गया है।
एफएसएसएआई ने सभी फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को चेतावनी भी दी है कि अगर कोई भी कंपनी इस नियम का उल्लंघन करती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 के तहत होगी। इसमें भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्द होने जैसी सजा भी हो सकती है।