दिल्ली एनसीआर सहित उत्तर भारत में इन दिनों पड़ने वाली गर्मी से नागरिक बेहाल हैं। मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को ध्यान में रखते हुए आम जन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

भारतीय मौसम विभाग की वेबसाइट पर जारी स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 11 जून और 12 जून को दिल्ली और आसपास का तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।
भारत मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को देश के 19 शहरों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रिकॉर्ड किया गया।
पंजाब के भटिंडा में मंगलवार को सबसे अधिक 47.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजस्थान के श्री गंगानगर में दूसरा सबसे अधिक 47.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.9 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भीषण गर्मी को देखते हुए लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। हल्के सूती कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
मौसम विभाग द्वारा 11 जून और 12 जून के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान दिन में तेज सतही हवाएं, धूल भरी आंधी और हीट वेव जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ेगा। विभाग का कहना है कि 13 जून को तापमान कुछ कम होकर 43 डिग्री तक रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार 14 जून से मौसम में बदलाव देखने के लिए मिल सकता है।
विभाग से मिलने वाली जानकारी में कहा गया है कि 13 जून से हवाओं के इस बदलाव से पूर्व पश्चिम ट्रफ दिल्ली के करीब आ जाएगी। यह स्थिति वीकेंड पर बनी रह सकती है। ऐसे में धूलभरी आंधी या गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा की संभावना है। वहीँ 17 – 29 जून के बीच मौसम अधिक स्थिर और प्री-मॉनसून गतिविधियों के लिए अनुकूल हो सकता है। इस दौरान मॉनसून भी उत्तर भारत के करीब पहुंच जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और चक्कर आने की शिकायतों वाले मरीजों की संख्या में 90 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई है। इनमे बड़ी संख्या में बच्चे और युवा हैं
मौसम को देखते हुए डॉक्टर लोगों को दिन में बाहर निकलने से बचने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही अधिक मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन बढ़ाने तथा धूप में सीधे संपर्क से बचने की सलाह भी चिकित्सक दे रहे हैं।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भीषण गर्मी को देखते हुए लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। हल्के सूती कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।













