नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 पर चर्चा की मांग की थी जिस पर चुनाव आयोग ने जवाब दिया है। चुनाव आयोग ने बातचीत के लिए राहुल गांधी को निमंत्रित किया है। निमंत्रण में कहा गया है कि चुनाव आयोग व्यक्तिगत रूप से मिलने और सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है।

इस मामले में भारत निर्वाचन आयोग सचिवालय का कहना है- “पिछले साल हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों पर एक अखबार में प्रकाशित आपके लेख के मद्देनजर मुझे यह बताने का निर्देश दिया गया है कि नवंबर 2024 में विधानसभा चुनावों के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) की ओर से इसी तरह के मुद्दे उठाए गए थे। आयोग ने 24 दिसंबर 2024 को आईएनसी को एक विस्तृत जवाब दिया था, जिसकी प्रति ईसीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध है।”
निर्वाचन आयोग की ओर से इसमें आगे कहा गया है कि सभी चुनाव भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा संसद द्वारा पारित निर्वाचन कानूनों, उनमें बनाए गए नियमों और समय-समय पर जारी किए गए आयोग के निर्देशों के अनुसार सख्ती से आयोजित किए जाते हैं। साथ ही पूरी चुनाव प्रक्रिया विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर विकेंद्रीकृत तरीके से आयोजित किए जाने की बात भी कही गई है।
आयोग ने इसमें भागीदारी का ब्यौरा देते हुए कहा कि महाराष्ट्र भर में 1,00,186 से अधिक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ), 288 निर्वाचक रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ईआरओ), 139 सामान्य पर्यवेक्षक, 41 पुलिस पर्यवेक्षक, 71 व्यय पर्यवेक्षक, 288 रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) जो आयोग द्वारा नियुक्त किए गए थे। आगे यह भी जानकारी मुहैया कराई गई कि राष्ट्रीय एवं राज्य राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 1,08,026 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए), जिनमें आईएनसी के 28,421 एजेंट शामिल थे।
आयोग ने यह भी माना कि चुनाव के संचालन से संबंधित कोई भी मुद्दा आईएनसी के उम्मीदवारों की ओर से सक्षम न्यायालय में चुनाव याचिकाओं के माध्यम से पहले ही उठाया गया होगा। साथ ही आयोग ने कहा कि अगर आपके पास अभी भी कोई मुद्दे हैं, तो आप हमें लिख सकते हैं।
इसके लिए आयोग ने व्यक्तिगत रूप से मिलने और सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार होने का बात कही है। साथ ही सुविधाजनक तारीख और समय चुनाव के बारे में आयोग के ईमेल के माध्यम से सूचित किये जाने को भी कहा।
