बच्चों में ई-सिगरेट का चलन 50% तक बढ़ने को विशेषज्ञ इसे खतरे की घंटी बता रहे हैं

लंदन: एक नए अध्ययन के अनुसार वेपिंग यानी ई-सिगरेट का उपयोग करने वाले बच्चों की संख्या में 50% की वृद्धि हुई है।

बच्चों में ई-सिगरेट का चलन 50% तक बढ़ने को विशेषज्ञ इसे खतरे की घंटी बता रहे हैं

यूके के डेटा से पता चलता है कि 11 से 17 साल के बच्चों में वैपिंग की कोशिश में बढ़ोतरी हुई है। जो संख्या पिछले साल 7.7 फीसदी थी वह इस साल 11.6 फीसदी पर पहुंच गई है।

जबकि 18 साल से कम उम्र के लोगों को वैप बेचना गैरकानूनी है। इस दौरान सोशल मीडिया पर युवाओं के अलग-अलग फ्लेवर के बारे में बात करने वाले पोस्ट भी बड़ी संख्या में नज़र आने लगे हैं।


विशेषज्ञ अब इस मुद्दे पर खतरे की घंटी बजा रहे हैं और सरकार को यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि बच्चों के लिए इसकी बिक्री पर रोक लगाने के बारे में जल्द उचित क़दम उठाये जाएँ।


2014 में, उन बच्चों की संख्या जिन्होंने कहा कि उन्होंने नौ वर्षों में एक या दो बार इसे किया था, अब ऐसे बच्चों की संख्या लगभग दुगुना हो गई है। आंकड़ों के मुताबिक़ 2014 में यह संख्या 5.6 फीसदी थी जो इस साल 11.6 फीसदी पर पहुंच गई है।

विशेषज्ञ अब इस मुद्दे पर खतरे की घंटी बजा रहे हैं और सरकार को यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि बच्चों के लिए इसकी बिक्री पर रोक लगाने के बारे में जल्द उचित क़दम उठाये जाएँ।

ऐश के मुख्य कार्यकारी डेबोरा अरनोट ने कहा: “हमें बच्चों को इसके प्रयोग से रोकने के लिए कई ज़रूरी और जबरन कदम उठाने की ज़रूरत है। ऐसे में छोटे बच्चों के लिए इसकी अवैध बिक्री पर सरकार की कार्रवाई एक महत्वपूर्ण पहला कदम है। साथ ही सरकार को बच्चों में ई-सिगरेट को बढ़ावा देने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास करे।

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