बालासोर में ट्रेन हादसे में रक्तदान के लिए उमड़ी भीड़

शुक्रवार की शाम कोरोमंडल एक्सप्रेस और एसएमवीटी-हावड़ा सुपर फास्ट एक्सप्रेस के 17 डिब्बे पटरी से उतरने से बड़ा हादसा हो गया। यह बीते 15 वर्षों में देश में होने वाला सबसे भीषण रेल हादसा बताया जा रहा है।

बालासोर में ट्रेन हादसे में रक्तदान के लिए उमड़ी भीड़

इस हादसे में अबतक मृतकों की संख्या 238 हो चुकी है और 900 से ज़्यादा लोग घायल बताये जा रहे हैं। राहत कार्यों के लिए 30 बसों के साथ 200 से अधिक एंबुलेंस सेवा में लगी हुई हैं। प्रशासन के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग रहत कार्यों में जुटे हैं। मरीज़ों को रक्त देने के लिए इन लोगों की लम्बी कतारें देखने को मिल रही हैं।

प्रत्यक्ष दर्शियों के मुताबिक़ बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस और शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस के बहानगा स्टेशन पहुंचने में 3 घंटे का फर्क था, पर दोनों ही ट्रेन एक साथ आने से यह हादसा हुआ।

ओडिशा के मुख्य सचिव प्रदीप जेना ने शनिवार को पुष्टि की है की बालासोर जिले में ट्रेन के पटरी से उतर जाने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 238 हो गई है, जबकि कम से कम 900 से अधिक लोग घायल हुए हैं।।

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक दुर्घटनास्थल पर पहुंचे। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन चेन्नई में स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर पहुंचे। यहाँ राज्य सरकार के अधिकारी बालासोर ट्रेन दुर्घटना की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

रेलवे की टीम, NDRF, SDRF कल रात से ही बचाव कार्य में जुटी है। सहायता दलों के अलावा भारी संख्या में स्थानीय लोग यहाँ तुरंत मदद के लिए पहुँच गए थे और इन मददगारों के आने का सिलसिला अभी भी बना हुआ है। ओडिशा ट्रेन दुर्घटना में बालासोर में घायलों के लिए रक्तदान करने के लिए बड़ी संख्या में लोग आगे आये हैं और कतार में लगे हैं।

ओडिशा के बालासोर में हुई ट्रेन दुर्घटनास्थल केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्थिति का जायजा लिया। इस बड़ी दुर्घटना पर उन्होंने सभी दिवंगत आत्माओं के लिए प्रार्थना की और सरकार द्वारा उनके परजनों को हर संभव मदद देने की बात कही। रेलवे की तरफ से कल ही मुआवजे का ऐलान कर दिया गया था इसके लिए जांच कमेटी का भी गठन किया गया है।

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