जाली सिक्के बनाने वाली फैक्टरी का भंडाफोड़

नई दिल्ली। बाहरी दिल्ली के वाहन चोरी निरोधक दस्ते ने जाली सिक्के बनाने वाली एक फैक्टरी चलाने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया है। फैक्टरी बवाना इलाके में चलाई जा रही थी। counterfeit coins

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पुलिस ने इस कार्रवाई में फैक्टरी से 40 हजार रुपए के सिक्के बरामद किए हैं। खुलासा हुआ है कि जाली सिक्कों का यह गोरखधंधा 2014 से चल रहा था। पुलिस ने मौके से नकली सिक्के बनाने वाली सामग्री भी बरामद की है।

बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त एमएन तिवारी के मुताबिक पकड़े गए आरोपी की पहचान रोहिणी सेक्टर-11 निवासी नरेश कुमार (42) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि जिले के वाहन चोरी निरोधक दस्ते ने रोहिणी सेक्टर-11 स्थित बालाजी मंदिर के पास वाहन चैकिंग अभियान चलाया था। अभियान में हेड कांस्टेबल राजकुमार, दलबीर सिंह व कांस्टेबल दीपक और राकेश मौजूद थे।

जांच के दौरान पिकेट पर एक स्विफ्ट डिजायर कार को रोका गया। इस दौरान कार से बाहर आए शख्स ने रौब दिखाते हुए खुद को पंजाब नेशनल बैंक का अधिकारी बताया। पुलिस कर्मियों ने उससे जब आई कार्ड मांगा तो वह आनाकानी करने लगा। इसके बाद पुलिस ने उसकी कार की जांच की तो उसमें 20 पैकेटों से 40 हजार रुपए के सिक्के बरामद किए। जांचने पर पता लगा कि 5 और 10 रुपए के सिक्के नकली हैं। इस पर आरोपी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि बवाना औद्योगिक क्षेत्र में सोनू और राजू नामक दो लोग नकली सिक्कों को बनाने की फैक्टरी चला रहे हैं और फैक्टरी में 5 और 10 के सिक्के बनाए जाते हैं। राजेश कुमार नामक शख्स फैक्टरी का मैनेजर है। इसके बाद पुलिस ने फैक्टरी पर छापामारी कर मौके से नकली सिक्के बनाने वाली सामग्री बरामद की।

पूछताछ में आरोपी नरेश कुमार ने बताया कि उसने हरियाणा के चरखी दादरी से 12वीं तक की पढ़ाई की है। उसने कार एसेसरीज की दुकान खोली थी जिसमें घाटा होने के बाद उसने उस काम को बंद कर दिया। इसके बाद वह सोनू और राजू के संपर्क में आया जिसके बाद राजू और सोनू ने उसे नकली सिक्कों की सप्लाई का काम सौंपा था। पुलिस ने नरेश के बयानों के आधार पर अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है।

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