उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनसेवा परियोजना सीएम हेल्पलाइन 1076 में तैनात महिला कर्मियों ने बीते दिन जमकर हंगामा किया। इन महिलाओं का आरोप है कि उन्हें कई महीनों से वेतन नहीं मिला है। अपनी मांगों के साथ ये सभी कर्मी सीएम आवास की तरफ कूच करने लगे, जिन्हें समता मूलक चौराहे पर रोक लिया गया।
हेल्पलाइन में काम करने वाली महिला कर्मचारियों की शिकायत है कि उन्हें तय वेतनमान, समय पर सैलरी और अन्य सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। कई महीनों का बकाया भुगतान लंबित होने और वेतन वृद्धि न होने से नाराज होकर उन्होंने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने मीडिया से बताया कि वे दिन-रात जनशिकायतों का निस्तारण करती हैं। रोजाना 120 कॉल अटेंड करती है, लेकिन उन्हें उचित मेहनताना नहीं मिल रहा है। प्रदर्शन के दौरान कुछ कर्मचारियों ने सीएम आवास की ओर मार्च निकालने का प्रयास किया। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने तुरंत समतामूलक चौराहे को ब्लॉक कर दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स में इस मामले पर कहा गया है, उत्तर प्रदेश में हेल्पलाइन 1076 से जुड़े कर्मचारियों की वेतन संबंधी समस्याओं और कार्यस्थल की समस्याओं का तत्काल और प्रभावी समाधान हो सकेगा। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीएम हेल्पलाइन से जुड़े कर्मचारियों की ओर से वी-विन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खिलाफ की गई शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान में लेने के बाद कहा है।
यूपीडेस्को की प्रबंध निदेशक को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने पूरे प्रकरण की गहन समीक्षा के साथ कंपनी स्तर पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई कराई जाने की बात कही है। साथ ही उन्होंने किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरते जाने के भी निर्देश दिए हैं। त्वरित कार्रवाई के चलते स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई और कर्मचारी पुनः अपने कार्य पर लौट आए।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, यूपीडेस्को की प्रबंध निदेशक नेहा जैन का कहना है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में पूरे प्रकरण की गंभीरता से समीक्षा कराई गई है। कंपनी प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कर्मचारियों के वेतन संबंधी मुद्दों का समाधान प्राथमिकता पर किया जाए और कार्यस्थल पर आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
गौरतलब है कि ये निर्देश मिलते ही प्रबंध निदेशक ने संबंधित कंपनी के शीर्ष प्रबंधन से स्थिति स्पष्ट करने को कहा और उच्चस्तरीय वार्ता शुरू हुई। कंपनी ने कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए वेतन वृद्धि पर सहमति दे दी। साथ ही कार्यस्थल की सुविधाओं में सुधार करने पर भी हामी भरी है। प्रबंध निदेशक ने कहा कि कार्मिकों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में इस प्रकार की स्थिति न उत्पन्न हो, इसके लिए सतत निगरानी की जाएगी।
यह हालात तब बने जब हेल्पलाइन में काम करने वाली महिला कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने और बकाया भुगतान की मांग को लेकर कल जोरदार प्रदर्शन किया। विरोध के करते हुए ये कर्मचारी सड़क पर उतर आए और मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने का प्रयास करने लगे। ऐसे में पुलिस को गोमतीनगर के समतामूलक चौराहे पर तैनात करना पड़ा।