आने वाले पांच दिनों तक उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट

नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के चलते राजधानी में अगले एक सप्ताह तक माैसम का मिजाज नर्म रहने वाला है। रमौसम विभाग का कहना है कि उत्तर प्रदेश में आज कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और ओलावृष्टि की भी संभावना है।

मौसम विभाग ने आज सोमवार को 64 जिलों में आंधी, बारिश और ओले गिरने का अलर्ट जारी किया है। अगले चार-पांच दिनों तक पूर्वी और पश्चिमी हिस्से में हल्की बारिश के आसार हैं। ऐसे में मई के बावजूद करीब एक सप्ताह तक लू से निजात मिलने की खबर मौसम विभाग ने दी है।

सोमवार की सुबह लखनऊ में मौसम का मिज़ाज एकदम बदला नज़र आया। सुबह से ही रात जैसा अंधेरा छा गया। सुबह 8:30 बजे से गरज चमक और तेज़ हवाओं के बारिश का सिलसिला जारी है। इन तेज़ हवाओं के चलते सैकड़ों पेड़ और बिजली के पोल गिरने के समाचार मिले हैं। इस मौसम में रास्ते भी बाधित हुए हैं।

इस बदलाव के चलते कई जिलों में पारा सामान्य से 9 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर गया।आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश, आंधी और वज्रपात की गतिविधियां जारी रहेंगी। चार से सात मई के दौरान 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के अलावा ओलावृष्टि की चेतावनी भी जारी की गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौसम के जायज़ा लेने के बाद प्रदेशवासियों से सतर्क रहने की अपील की है। आंधी, तेज हवाओं और बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है।

मौसम विभाग का कहना है कि कई जिलों में तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। साथ ही किसानों से अपनी फसल और पशुधन का भी ख्याल रखने की अपील की है।

रविवार को चलने वाली तेज हवाओं और बादल साथ बूंदाबांदी ने अधिकतम तापमान को सामान्य से 6.1 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंचा दिया। सोमवार को भी तेज हवाओं के साथ बूंदबांदी के आसार हैं।

अभिभावकों से भी आग्रह करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रशासन को भी पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। सभी जिलाधिकारियों, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सरकार हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है, लेकिन जनता का सहयोग बेहद जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने इस खराब मौसम में बच्चों को घर के अंदर ही रखने की सलाह दी है। वहीं राहत और बचाव टीमों को सक्रिय कर दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।

मौसम केंद्र द्वारा प्रदेश के कई जिलों में भारी ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। खासकर तराई और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच और लखीमपुर खीरी में इसका अधिक असर देखने को मिल सकता है।

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