खाद्य पदार्थों की पैकिंग में पिन और तार के प्रयोग पर एफएसएसएआई का सख्त निर्देश

एफएसएसएआई ने ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर एक सख्त निर्देश जारी किया है। फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) के लिए खाने-पीने की चीजों की पैकिंग में स्टेपल पिन या मेटल के तारों का इस्तेमाल करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

एफएसएसएआई यानी भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर खाद्य व्यापार संचालकों (एफबीओ) को निर्देश दिया है। प्राधिकरण ने सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि मेटल की पिन, स्टेपल पिन, वायर और अन्य इसी प्रकार की अन्य चीजों का इस्तेमाल खाने-पीने के उत्पादों को पैक करने और सुरक्षित रखने के लिए न करें।

खाद्य नियामक की तरफ से साझा जानकारी में कहा गया है कि सजावटी केक के साथ खाने के पैकेट, केक बॉक्स, मिठाई के डिब्बे, स्नैक पाउच, टेकअवे फूड पार्सल और खाने के दूसरे पैकेजों को पैक करने के लिए भी मेटल की पिन और तारों का प्रयोग किया जा रहा है।

एफएसएसएआई से मिली जानकारी के मुताबिक़, कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें केक और खाने के पैकेट में मेटल के टुकड़े या स्टेपल पिन मिले हैं। खाने की सुरक्षा को देखते हुए यह बेहद खतरनाक है। अकसर अनजाने में ग्राहक इन धातु की चीजों को खा सकते हैं, जिससे उन्हें शरीर के भीतर घाव होने की समस्या का सामना करना पड़ता है या फिर स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।

एडवाइजरी में कहा गया है कि यदि इस निर्देश का पालन नहीं किया जाता है, तो ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006’ और इसके तहत बने नियमों के प्रावधानों के अनुसार उचित दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। इस कदम का मकसद खाद्य सुरक्षा के मानकों को मजबूत करना और फूड पैकेजिंग व हैंडलिंग में मेटल के फास्टनिंग मटीरियल के इस्तेमाल से उपभोक्ताओं को होने वाले अनावश्यक जोखिमों को रोकना है।

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