दिल्ली की सरहदों पर डटे आंदोलनकारी किसान

आज किसान प्रोटेस्ट का दूसरा दिन है। अपनी मांगों को लेकर किसान दिल्ली की सीमाओं पर जमा होने लगे हैं। केंद्र सरकार के खिलाफ किसानों का मोर्चा बड़ा रूप लेता दिखाई दे रहा है।

दिल्ली की सरहदों पर डटे आंदोलनकारी किसान

प्रशासन ने किसान आंदोलन को देखते हुए एनसीआर सहित हरियाणा, पंजाब से सटे उत्तर प्रदेश के जिलों में भी अलर्ट जारी कर दिया है। किसान यूपी के रास्ते दिल्ली एनसीआर में न दाखिल हो सकें इसके लिए सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर की सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है।

आंदोलन के पहले दिन पुलिस ने किसानों पर आंसू गैस के गोले दागे थे। आगे बढ़ते किसानों ने कई जगहों पर बैरिकेड्स तोड़ दिए जिससे पुलिस और किसानों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी।

किसान यूनियन की ओर से दावा किया गया कि पुलिस कार्रवाई में 100 से ज्यादा किसान जख्मी हुए हैं। किसानों पर की जाने वाली पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस पार्टी ने इसे सरकार का किसानों के साथ दुश्मन जैसा व्यवाहर बताया है। किसान आंदोलन का असर ट्रैफिक व्यवस्था पर भी पड़ा है ऐसे में यातायात को सुचारु बनाए रखने के भी प्रयास किए जा रहे हैं।

किसानों को रोकने के लिए प्रशासन ने शंभू बॉर्डर, टीकरी बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है। किसानों को आगे आने से रोकने के लिए इन सीमाओं पर सीमेंट और लोहे की बैरिकेडिंग भी लगाई गई है। इस रास्तों को कटीले तार और कंटेनर से भी बंद करने की कोशिश की गई है।

किसानों ने कल शाम को चेतावनी दी है कि आज सुबह फिर दिल्ली में दाखिल होने की कोशिश करेंगे। आंदोलन कर रहे किसानों का कहना है कि दिल्ली तैयार हो जाओ हम आ रहे हैं। वहीं किसानों के बढ़ते प्रदर्शन को देखते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि दो बार की किसानों से बातचीत बेनतीजा रही है।

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