एक नई स्टडी में पता चला है कि कैफीन नींद की कमी से होने वाले नुकसान से याददाश्त को बचा सकता है और इसे बेहतर बनाने में भी मदद कर सकता है।
बहुत से लोग अपने दिन की शुरुआत एक कप कॉफी से करना पसंद करते हैं, लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि कॉफी इंसान की याददाश्त के लिए भी फायदेमंद है।
रिसर्चर्स द्वारा चूहों पर की गई इस स्टडी के नतीजों से पता चला है कि नींद की कमी से दिमाग में एडेनोसिन नाम के केमिकल का सिग्नलिंग बढ़ जाता है, जो नींद को बढ़ावा देता है और याददाश्त पर असर डालता है। नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिंगापुर के रिसर्चर्स ने दिमाग के ‘हिप्पोकैम्पस’ हिस्से के ‘CA2’ रीजन पर फोकस किया, जिसे सोशल मेमोरी के लिए ज़रूरी माना जाता है।
रिसर्च के नतीजों के मुताबिक, कैफीन दिमाग में एडेनोसिन नाम के केमिकल से जुड़े सिग्नलिंग को कम कर सकता है और नींद की कमी से होने वाले नुकसान से सोशल मेमोरी को बचा सकता है।
इस विषय पर जॉन्स हॉपकिंस विश्वविद्यालय का एक शोध भी बताता है कि कैफीन दीर्घकालिक स्मृति को बढ़ा सकता है। इसके लिए किए गए परिक्षण में जिन प्रतिभागियों को छवियों की एक श्रृंखला का अध्ययन करने के बाद 200 मिलीग्राम कैफीन की गोलियां दी गईं, वे अगले दिन परीक्षण किए जाने पर समान छवियों को उनसे अलग करने में बेहतर थे।
इस संबंध में जॉन्स हॉपकिंस विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान और मस्तिष्क विज्ञान के सहायक प्रोफेसर और वरिष्ठ लेखक माइकल यासा का कहना है कि हमेशा से यह तो पता ही है कि कैफीन के संज्ञानात्मक क्षमता बढ़ाने वाले प्रभाव होते हैं, लेकिन याददाश्त को मजबूत करने और उसे भूलने से बचाने पर इसके विशेष प्रभावों की मनुष्यों में कभी भी विस्तार से जांच नहीं की गई है।
यह अध्ययन स्मृति और कैफीन के बीच गहन परस्पर क्रिया को उजागर करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। यासा ने कहा, “अगर हम इन जटिल समान वस्तुओं के बिना एक मानक पहचान स्मृति कार्य का उपयोग करते, तो हमें कैफीन का कोई प्रभाव नहीं मिलता। हालांकि, इन वस्तुओं का उपयोग करने से मस्तिष्क को अधिक कठिन भेदभाव करना पड़ता है। जिसे हम पैटर्न पृथक्करण कहते हैं, और ऐसा लगता है कि हमारे मामले में कैफीन द्वारा यही प्रक्रिया बढ़ाई जाती है।