कुछ मिनट नंगे पैर टहलने की आदत आपकी सेहत या खासकर दिल की तंदुरुस्ती के लिए बड़ी फायदेमंद है। हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक़, यह ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने जैसे कार्डियोवैस्कुलर जोखिम कारको पर भी सकारात्मक असर डाल सकती है।
अमरीकन हार्ट एसोशिनय के अनुसार, दिल की सेहत के लिए वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मेडिरेट इंटेंसिटी एरोबिक एक्टिविटी करने की सलाह दी जाती है।एक्सपर्ट का कहना है कि इस तरह की नियमित वॉक से कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस बेहतर करने, थकानभरे लाइफस्टाइल को दूर करने और ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल जैसे रिस्क फैक्टर्स को नियंत्रित रखने में सहायता मिलती है।
घास पर सुबह में नंगे पैर चलने की आदत से कई लोग तनाव से छुटकारा पाने के साथ रिलैक्स भी महसूस करते हैं। ऐसे में सवाल बनता है कि नंगे पैर वॉकिंग करना वास्तव में क्या सामान्य वॉक से ज्यादा फायदेमंद है और दिल के लिए इसका क्या रोल है?
विशेषज्ञों का नंगे पैर वॉक और हार्ट के के हवाले से कहना है कि नियमित रूप से चलने से हार्ट रेट बढ़ता है, मसल्स ज्यादा काम करती हैं और शरीर की कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस बेहतर होती है। लेकिन साथ ही वह इसके लिए अपने चीटसक के परामर्श को भी अहम बताते हैं।
एनसीबीआई की माने तो पैरों के तलवों को उत्तेजित करने से भी दिल की कार्यप्रणाली में सुधार होता है। ब्रिस्क वॉकिंग एक्टिविटी भी दिल की बीमारी के साथ स्ट्रोक या कई अन्य रोगों के जोखिम को कम करने में मददगार है।
नंगे पैर वॉकिंग में पैरों का संपर्क सीधे जमीन से होता है। इससे वॉकिंग पैर्टन और पैरों के सेंसरी फीडबैक में बदलाव आ सकता है। जूते पैरों को कुशनिंग और सपोर्ट देते हैं, जबकि नंगे पैर चलने पर पैर जमीन की सतह को सीधे महसूस करता है।
सुबह के वक़्त नंगे पैर टहलने से सिस्टोलिक और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद मिलती है। साथ ही यह ब्लड प्रेशर नॉर्मल रखने के अलावा इससे जुड़ी कई समस्याओं को भी काबू में रखता है। यह कहना है ‘जनरल ऑफ एप्लाइड नर्सिंग एंड हेल्थ’ का।