केंद्र सरकार ने नोटिफिकेशन के माध्यम से घरों तक केरोसिन पहुंचाने में आसानी के लिए पेट्रोलियम सुरक्षा और लाइसेंसिंग नियमों में ढील दी है। केरोसीन नियमों में ढील देकर देश में एलपीजी किल्लत को देखते हुए सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
देश में एलपीजी किल्लत के बीच सरकार ने केरोसीन नियमों में बदलाव किया है। केरोसीन नियमों में मिलने वाली ढील से खाना पकाने और रोशनी के लिए आसानियां हो सकेंगी। इसके लिए कुछ चुनिंदा पेट्रोल पंपों से केरोसीन की बिक्री सुनिश्चित की जाएगी।
इस संबंध में बीते दिन 29 मार्च को एक गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया। जिसमे कहा गया है कि, केंद्र सरकार ने घरों तक केरोसिन पहुंचाने में आसानी के लिए पेट्रोलियम सुरक्षा और लाइसेंसिंग नियमों में ढील दी है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के तहत बेहतर केरोसिन तेल के एड-हॉक आवंटन की अनुमति दे दी है।
केरोसिन के स्टोरेज, सप्लाई और अंतिम छोर तक वितरण की प्रक्रिया को तेज एवं सुचारु करने के लिए नोटिफिकेशन के तहत पेट्रोलियम नियम, 2002 में केरोसिन का काम करने वाले डीलरों और ट्रांसपोर्ट वाहनों के लिए कुछ लाइसेंसिंग जरूरतों में छूट का भी प्रावधान है।
ईरान युद्ध के चलते एक माह से दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई बाधित हुई है। ऐसे में केरोसीन नियमों में ढील का मकसद घरों तक केरोसिन की सप्लाई में तेजी लाना है। इसी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इस कदम से घरों तक खाना पकाने और रोशनी के लिए 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में केरोसिन सप्लाई मुमकिन हो सकेगी।
नए नियम
कुछ चुनिंदा पेट्रोल पंप अब केरोसिन स्टोर करने और बेचने की अनुमति के दायरे में हैं।
प्रत्येक तय आउटलेट 5,000 लीटर तक केरोसिन स्टॉक कर सकता है।
उन पेट्रोल पंप को अनुमति दी गई है जिन्हें सार्वजनिक क्षेत्र की तेल मार्केटिंग कंपनियां चला रही हैं।
प्रत्येक जिले में ऐसे ज्यादा से ज्यादा दो सर्विस स्टेशनों को यह अनुमति दी जाएगी।
पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) की ओर से जारी सुरक्षा प्रोटोकॉल और परिचालन दिशानिर्देश पहले की तरह ही लागू रहेंगे।
तत्काल प्रभाव से लागू ढील 60 दिनों तक या अगले आदेश आने तक वैध रहेंगी।