गोरखपुर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जागरूकता के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा लिया है। ‘एआई फॉर ऑल’ अवेयरनेस प्रोग्राम के तहत एक सप्ताह में रिकॉर्ड 7,64,187 ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने पर गोरखपुर का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है।
गिनीज टीम ने कड़े मानकों पर पंजीकरण प्रक्रिया की जांच के बाद रिकॉर्ड को मान्यता दी।यह प्रमाण पत्र एमपीआईटी में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान दिया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आम लोगों तक एआई की जानकारी पहुंचाना और डिजिटल जागरूकता को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में तैयार किया गया।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधि ऋषि नाथ ने मुख्यमंत्री और एन चंद्रशेखरन को इस उपलब्धि का प्रमाण पत्र सौंपा। इस कार्यक्रम की शुरुआत महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के अलावा अन्य संस्थानों के सहयोग से की गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इस कार्यक्रम के लिए एमपीआईटी ने 5 लाख पंजीकरण का लक्ष्य रखा था, लेकिन 9 अप्रैल तक यह आंकड़ा 7,64,187 तक पहुंच गया। यह पूरी तरह नि:शुल्क कार्यक्रम है, जिसमें एआई का परिचय, जनरेटिव एआई टूल्स, प्रॉम्प्टिंग, साइबर हाइजीन, फ्रॉड प्रिवेंशन, पासवर्ड और ओटीपी सुरक्षा समेत सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी दी जाएगी।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय सहित इस पहल में मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय सहित कई संस्थानों ने हिंसा लिया।