आसमान में पक्षियों के एक बड़े झुंड को देखकर लम्बे समय से एक सवाल जानकरों के मन में था। जानकार इस बात पर हैरान थे कि इतनी कम दूरी पर उड़ते हुए भी पक्षी आपस में क्यों नहीं टकराते?

आखिरकार इस विषय की पड़ताल के बाद ऐसे परिणाम मिले जिनसे पता चला कि झुंड में उड़ते समय पक्षी आपस में क्यों नहीं टकराते। कई वर्षों के शोध के बाद, क्वींसलैंड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष निकाला है कि सभी पक्षी उड़ते समय दाईं ओर ज़्यादा झुकते हैं। इतना ही नहीं, अपने हवाई सफर में ये पक्षी एक-दूसरे पर कड़ी नज़र भी रखते हैं। झुण्ड में प्रत्येक पक्षी अपने आस-पास के कुछ निकटतम पक्षियों पर नज़र रखता है और जब वे अपना रास्ता बदलते हैं, तो तुरंत प्रतिक्रिया होती है।
उन्होंने आगे कहा कि अगर पक्षियों को उड़ान के दौरान अपनी गति और ऊँचाई बदलनी भी पड़ती है, तो इसके लिए उनके अपने ट्रैफिक नियम होते हैं। नियमों के प्रति बरती जाने वाली मुस्तैदी का नतीजा है कि इन पक्षियों के सफर में हादसे की जानकारी न के बराबर है। दरअसल इसकी एक बड़ी वजह यह है कि उड़ान के दौरान अपनी गति और ऊँचाई बदलने का फैसला यह परिंदे एक साथ लेते है। वे झुंड की गति और दिशा में बदलावों को एक लहर की तरह महसूस करते हैं और उसी अनुसार अपनी चाल बदल लेते हैं। यही वजह है कि यहाँ घटना नगण्य होती है।
उड़ान में प्रत्येक पक्षी अपने निकटतम पक्षियों से एक निश्चित दूरी बनाए रखता है, जिससे उन्हें आपस में टकराने से बचने में मदद मिलती है।
इसके अलावा ‘V’ आकार की संरचना भी सहायता करती है। इसे शेप में उड़ने से पक्षियों को हवा का प्रतिरोध कम करने और ऊर्जा बचाने में मदद मिलती है, जिससे वे एक-दूसरे के करीब उड़ सकते हैं।
वैज्ञानिकों ने यह शोध रिपोर्ट कई अन्य पक्षियों, जिनमें बुगेरिगर (Budgerigar) नामक स्थानीय पक्षी भी शामिल है, का अध्ययन करने के बाद तैयार की है। शोध के दौरान में उन्होंने यह भी जाना है कि उनका यह नया शोध ड्रोन के विकास में काफ़ी मददगार साबित होगा।









